गांधीनगर: गुजरात के बनासकांठा जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां 30 वर्षीय एक गर्भवती महिला ने चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने तीन सगे भाइयों और उनके चाचा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन सतर्क मोड में आ गया है।
तंत्र-मंत्र के बहाने नजदीकियां और ब्लैकमेलिंग का खेल
पीड़ित महिला पांच महीने की गर्भवती है और पिछले महीने उसके साथ बार-बार यौन और शारीरिक अत्याचार किया गया। महिला अपने पति से अलग रह रही थी। इसी दौरान आरोपी अख्तर रजबशाह फकीर ने उससे संपर्क किया और दावा किया कि उसके दादा तांत्रिक विद्या से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करते हैं।
आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने महिला की सहमति के बिना उसका एक अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसी प्राइवेट वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा।
राजीनामे के दबाव में मिली रिहाइ
यह कोई पहला मौका नहीं था जब महिला ने इन आरोपियों के खिलाफ आवाज उठाई हो। इससे पहले अप्रैल महीने में भी महिला ने पालनपुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद अख्तर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उस समय फरार चल रहे आरोपी के भाइयों, आरिफ और इलियास ने महिला को जान से मारने और उसकी बेटियों के अपहरण की धमकियां दीं। बेटियों की सुरक्षा के डर से महिला ने दबाव में आकर गुजरात हाईकोर्ट में समझौते का हलफनामा दिया, जिसके बाद 16 जून को आरोपी जेल से बाहर आ गए। रिहा होने के बाद विवाद सुलझने की उम्मीद में महिला अख्तर के साथ धानेरा तालुका के पेंगिया गांव चली गई, लेकिन वहां पहुंचते ही अत्याचार का नया दौर शुरू हो गया।
जबरन निकाह और मारपीट कर घर से निकाला
महिला का आरोप है कि पेंगिया गांव में अख्तर, उसके भाइयों आरिफ व इलियास और चाचा सलीमशाह जुमाशाह फकीर ने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। गर्भवती होने के बावजूद उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने एक स्थानीय मौलवी को बुलाकर महिला को नशीला पेय पिलाया और उसका जबरन ‘निकाह’ कराने की कोशिश की। महिला का नाम बदलकर ‘फिजा’ रख दिया गया और उसकी बेटियों का भी धर्म परिवर्तन कराने की धमकी दी गई।
गत 21 जुलाई को आरोपियों ने महिला के साथ जमकर मारपीट की और उसे तथा उसके होने वाले बच्चे की जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। बेसहारा हालत में महिला ने एक स्थानीय दुकानदार की मदद से महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया। इसके बाद 20 अगस्त को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म व मारपीट की धाराओं और ‘गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट’ के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।












