धर्मवीर गांधी के बयान पर कांग्रेस की चुप्पी, पंजाब को बांटना चाहती है पार्टी: दीपक बाली

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Punjab Government, Deepak Bali, Dharamvir Gandhi
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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और पंजाब सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के पंजाब सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर दिए बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि गांधी की टिप्पणी से पंजाबियों के साथ-साथ राज्य में रहने वाले अलग-अलग धर्मों के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

पंजाब की संस्कृति में धार्मिक भाईचारा

बाली ने कहा कि पंजाब पांच दरियाओं की धरती है और अपनी विविध संस्कृति के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे की मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द से है। ऐसे में किसी को भी करोड़ों लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं को लेकर आपत्तिजनक या गलत टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

धार्मिक कार्यक्रमों को बताया विरासत से जुड़ा प्रयास

पंजाब सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे धार्मिक कार्यक्रमों को ‘धार्मिक आडंबर’ बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है। साथ ही, धार्मिक महापुरुषों के विचारों और शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इन आयोजनों का एक अहम उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहादत दिवस का आयोजन इसलिए किया गया, क्योंकि उनकी महान कुर्बानी आज भी लोगों को साहस, सच्चाई और दूसरों के अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देती है।

इसी तरह, उन्होंने बताया कि श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व शोभायात्राओं, ड्रोन शो, गांवों में डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन और कीर्तन जैसे कार्यक्रमों के जरिए मनाया जा रहा है। बाली ने कहा, “इन सभी कार्यक्रमों को ‘आडंबर’ कहना केवल सरकार की आलोचना नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।”

सनातन परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों का भी बचाव

दीपक बाली ने ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ जैसे सनातन परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में हजारों लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर समुदाय की धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करती है और राज्य की अलग-अलग आध्यात्मिक एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम आगे भी आयोजित करती रहेगी।

‘हमारे राम’ कार्यक्रम को लेकर कही यह बात

‘हमारे राम’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बाली ने कहा कि यह रामायण की ऐसी प्रस्तुति है, जिसमें इसके अलग-अलग अध्यायों को दिखाया गया है। इसके जरिए माता-पिता के सम्मान और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों पर सवाल उठाना या यह कहना कि मंदिर नहीं बनने चाहिए, करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

बाली ने धर्मवीर गांधी के बयानों को लेकर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान कांग्रेस की पंजाब को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश को दर्शाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया था। बाली ने कहा कि शायद कांग्रेस नेताओं का वास्तविक रुख यही है कि वे बेगुनाहों की हत्या के आरोपियों को रोल मॉडल मानते हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयानों से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रखने का दावा

बाली ने कहा, “पंजाब के लोगों ने भगवंत मान सरकार पर भरोसा जताया है। हम पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने वाले कार्यक्रम करते रहेंगे। कोई भी टिप्पणी हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकती।” उन्होंने दावा किया कि AAP सरकार पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को आगे भी बढ़ावा देती रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 में पार्टी के सत्ता में लौटने पर इससे भी बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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