नई दिल्ली: चार सितंबर की रात जैसे ही मंदिरों में शंख-घंटियां गूंजेंगी और बांके बिहारी के जन्म की खबर हर घर तक पहुंचेगी, ठाकुरजी के भोग की थाली सजाने की तैयारी भी अपने आखिरी पड़ाव पर होगी। जन्माष्टमी का यह पर्व सिर्फ व्रत-उपवास तक सीमित नहीं, बल्कि लड्डू-गोपाल के लिए कुछ मीठा और मनभावन बनाने की परंपरा भी साथ लेकर आता है और जब बात दूध-मलाई से बनी मिठाई की हो, तो कान्हा की थाली उसके बिना अधूरी ही मानी जाती है। इतनी सरल विधि से बनी यह मिठाई इस जन्माष्टमी को और भी खास बना देगी।
झटपट बनने वाली नो-कुक रेसिपी
अगर पूजा की भागदौड़ में समय की कमी महसूस हो रही है, तो एक ऐसी रेसिपी मौजूद है जो न सिर्फ चंद मिनटों में तैयार हो जाती है, बल्कि इसके लिए चूल्हा जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ती।
दीक्षा ने हाल ही में मलाई लड्डू की यह विधि साझा की, जिसने घरेलू रसोइयों के बीच खासी लोकप्रियता बटोरी है। ताजा नारियल, मुलायम पनीर, काजू और मिल्क पाउडर जैसी सामग्रियों का यह मेल न केवल स्वाद में लाजवाब है।
सामग्री की सूची
इस मिठाई के लिए एक कप ताजा नारियल, डेढ़ कप ताजा पनीर, डेढ़ कप काजू, डेढ़ कप मिल्क पाउडर, चौथाई कप पिसी चीनी और डेढ़ छोटी चम्मच इलायची पाउडर काफी है। ऊपर से सजावट के लिए दूध में भीगा हुआ केसर और बारीक कटे पिस्ते रख लें, ये लड्डुओं को त्योहार जैसा रंग-रूप दे देते हैं। सबसे पहले नारियल का ऊपरी काला छिलका हटाकर उसके सफेद गूदे को छोटे टुकड़ों में काट लें, वहीं पनीर को हाथों से मसल लें। अब इन दोनों के साथ काजू, मिल्क पाउडर, चीनी और इलायची पाउडर को ब्लेंडर में डालकर एक साथ पीस लें। सामग्रियों की अपनी नमी ही इस मिश्रण को नरम आटे जैसा रूप दे देती है, फिर भी अगर बनावट सूखी लगे तो एक चम्मच दूध मिलाया जा सकता है।
भोग परोसने का पल
मिश्रण तैयार होने के बाद हथेलियों पर हल्का घी लगाकर मनचाहे आकार के लड्डू बना लें और हर लड्डू को केसर-दूध व पिस्ते से सजा दें। इन्हें कुछ देर फ्रिज में ठंडा होने दें और फिर आधी रात को बाल गोपाल के जन्म के बाद सबसे पहले उन्हीं को यह भोग अर्पित करें, उसके बाद परिवार और मेहमानों में प्रसाद बांटें। इतनी सरल विधि से बनी यह मिठाई इस जन्माष्टमी को और भी खास बना देगी।












