नई दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, फिर गहराता प्यार और आखिरकार कोर्ट या मंदिर में एक-दूसरे का हाथ थामकर शुरू हुआ सफर इतनी जल्दी किसी खौफनाक मोड़ पर पहुंच जाएगा, इसकी कल्पना परिजनों ने भी नहीं की थी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां शादी के महज दो साल के भीतर ही एक 27 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में बेडरूम में लाश बरामद हुई है। परिजनों का आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और मृतका की बहन को कमरे में बंद कर फरार हो गया।
सुबह जब खुला दरवाजा तो उड़ गए होश
सुबह करीब 5 बजे जब मुस्कान की नींद खुली तो उसने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा बंद था। उसने काफी आवाजें लगाईं। सुबह 9 बजे के आसपास जब भाई अनिकेत घर पहुंचा तो उसने बाहर से लगी कुंडी खोली।
शिवानी बिस्तर पर बेसुध पड़ी थी, उसके हाथ अकड़ चुके थे और मुंह तथा कान से खून निकल रहा था। परिजन आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विवाद के बाद आधी रात को कमरा बंद कर भागा पति
मूल रूप से इंदरगढ़ क्षेत्र के राजा का बाप गांव की रहने वाली शिवानी उर्फ सुधा की करीब दो साल पहले ग्वालियर निवासी यश ठाकुर से सोशल मीडिया के जरिए पहचान हुई थी। दोनों ने लव मैरिज की, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उनके रिश्तों में कड़वाहट आ गई और आए दिन मारपीट होने लगी। इसी कलह से तंग आकर शिवानी पिछले दो-तीन महीनों से झांसी में अपने मायके वालों के साथ रह रही थी।
26 अगस्त को यश उसे ग्वालियर ले गया और 28 अगस्त को दोनों वापस झांसी लौटे थे। रविवार रात करीब 10 बजे दोनों में फिर कहासुनी हुई। रात करीब डेढ़ बजे आरोपी पति ने पास के कमरे में सो रही शिवानी की छोटी बहन मुस्कान से अपना बैग मांगा और इसके बाद दोनों कमरों की कुंडी बाहर से बंद करके मौके से चंपत हो गया।
पुलिस की जांच और आरोपी की तलाश जारी
घटना की खबर मिलते ही सीओ सिटी रामवीर सिंह और सीपरी बाजार थाना पुलिस की टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महिला के गले पर चोट के निशान मिले हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी पति यश ठाकुर की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा, जिसके आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












