पटना: बिहार में लगातार हो रही बारिश और गंगा समेत प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। कई जिलों में गांव और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। वहीं हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रभारी मंत्रियों के साथ संबंधित जिलों के प्रभारी सचिव भी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे।
सरकार के निर्देश के मुताबिक मंत्री और सचिव बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और मौके पर चल रहे राहत कार्यों का जायजा लेंगे। इसमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार समेत 13 जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
पटना में बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट
पटना में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने शहरी इलाकों में नदी के बढ़ते पानी पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तटबंधों और उनके आसपास के क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। इसके तहत पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
शनिवार सुबह गांधी घाट के पास गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया था, जो कि खतरे के निशान 48.60 मीटर से करीब 1.93 मीटर ऊपर है। नदी का पानी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर के आसपास पहुंच गया है। इसी के चलते अधिकारियों ने आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई है।
कंट्रोल रूम से हालात पर नजर
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी शनिवार को दोबारा सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों को तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में करीब 10.28 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की टीमें लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और प्रभावित इलाकों में स्थिति संभालने में जुटी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद भी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने भागलपुर में पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।












