नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नन्हे बाल गोपालों की एक से बढ़कर एक मनमोहक तस्वीरें और वीडियो छाए हुए हैं। इसी क्रम में एक छोटे बच्चे का बेहद अनोखा और कलात्मक वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। वायरल हो रहे इस क्लिप में बच्चे को भगवान श्रीकृष्ण का रूप दिया गया है, लेकिन इसके पीछे इस्तेमाल की गई क्रिएटिविटी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। पोशाक के जरिए पौराणिक कथा के उस दृश्य को साकार किया गया है, जिसमें वासुदेव जी उफनती यमुना नदी पार कर नन्हे कृष्ण को गोकुल ले जा रहे होते हैं। बच्चे की मासूमियत और इस अनोखे प्रयोग ने लाखों यूजर्स का ध्यान आकर्षित कर लिया है।
आधुनिक क्रिएटिविटी का अद्भुत मेल
जन्माष्टमी पर छोटे-छोटे बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाना सदियों पुरानी भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है। अभिभावक हर साल अपने बच्चों को माखनचोर, बंसीवाला या नंदलाल के रूप में तैयार कर खुशियां मनाते हैं।
इस बार वायरल हुए इस में दिख रही यह अनूठी पोशाक न केवल पुरानी परंपरा का सम्मान करती है, बल्कि उत्सव के उत्साह को एक नए शिखर पर ले जाती है।
एक्स पर वीडियो मचा रहा धमाल
X पर @TheBahubali_IND नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। क्लिप में बच्चा पारंपरिक धोती, मोर पंख जड़ा मुकुट और रंग-बिरंगे आभूषणों से सजा हुआ दिखाई देता है। बच्चे के आगे एक विशेष प्रकार का चार्ट बोर्ड इस तरह तैयार करके पहनाया गया है, जिससे लगता है कि वासुदेव जी हाथों में टोकरी उठाकर नदी पार कर रहे हैं और उस टोकरी में बच्चे का चेहरा नजर आ रहा है।
टोकरी के ऊपर छत्र की तरह शेषनाग का सुंदर चित्रण भी जोड़ा गया है। बच्चे के पूरे पहनावे का यह 3D इल्यूजन लुक उसकी क्यूटनेस को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे देखने वाला अपनी पलकें नहीं झपका पाता।
यूजर्स ने की जमकर तारीफ
वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में तारीफों का तांता लग गया। सोशल मीडिया पर अब तक इसे लाखों व्यूज मिल चुके हैं और लोग दिल खोलकर प्यार बरसा रहे हैं। यूजर्स बच्चे की नटखट अदाओं के साथ-साथ माता-पिता की इस कलात्मक सोच को भी सलाम कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि यह इस साल की जन्माष्टमी का सबसे बेहतरीन और अनोखा लुक है, वहीं कुछ लोगों ने इसे सच्चा बालकृष्ण करार दिया। इस तरह की प्रेरणादायक क्लिप्स न केवल त्यौहार की उमंग को दोगुना करती हैं, बल्कि अन्य परिवारों को भी अपने बच्चों के साथ कुछ नया और क्रिएटिव करने के लिए प्रेरित करती हैं।












