लखनऊ: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार में अड़ी एक किशोरी ने अपनी मांग मनवाने के लिए ऐसा कदम उठाया कि पूरे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। प्रेमी के साथ रहने और उससे शादी करने की जिद पर अड़ी एक नाबालिग लड़की अचानक एक ऊंचे मोबाइल टावर के शीर्ष पर जा चढ़ी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और टावर के नीचे सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को घंटों सांसें थामे रखने पर मजबूर कर दिया।
सड़क किनारे लगे टावर पर चढ़ी किशोरी
घटना लार थाना क्षेत्र के पटनेजी इलाके की है। शुक्रवार की दोपहर सड़क किनारे स्थित मोबाइल टावर पर लोगों ने एक लड़की को तेजी से ऊपर चढ़ते देखा। देखते ही देखते वह टावर के बेहद ऊपरी हिस्से तक जा पहुंची, जिसे देखकर नीचे मौजूद ग्रामीणों के होश उड़ गए।
घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। लार थाना प्रभारी राकेश सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था।
दो घंटे बाद बनी बात
किशोरी ने दुपट्टे से अपना चेहरा पूरी तरह ढक रखा था, जिसके कारण उसकी पहचान करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उसकी स्थिति का सही अंदाजा लगाने के लिए पुलिस ने मौके पर ड्रोन कैमरे तक का सहारा लिया। ड्रोन से भी स्पष्ट जानकारी न मिलने और किशोरी के अड़े रहने पर पुलिस ने लाउडस्पीकर और माइक का इंतजाम किया।
पुलिस अधिकारियों ने माइक के जरिए किशोरी से संवाद स्थापित किया और उसे आश्वासन दिया कि उसकी हर बात को ध्यान से सुना जाएगा तथा नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी। लगभग दो से ढाई घंटे तक चले तनावपूर्ण माहौल और पुलिस व स्थानीय लोगों की निरंतर समझाइश के बाद आखिरकार किशोरी शांत हुई। सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलने पर वह धीरे-धीरे टावर से नीचे उतरने को तैयार हुई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
प्रेमी पर दर्ज केस
सुरक्षित नीचे आने के बाद किशोरी ने पुलिस के सामने टावर पर चढ़ने की असल वजह का खुलासा किया। उसने बताया कि वह मईल थाना क्षेत्र के निवासी एक युवक से बेहद प्यार करती है और हर हाल में उसी के साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहती है। किशोरी का आरोप है कि उसके परिजनों ने उसकी मर्जी के खिलाफ 30 अगस्त को लार थाने में प्रेमी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि इस मामले में उसका बयान दर्ज हो चुका था, लेकिन परिवार के दबाव और प्रेमी से दूर होने के डर से उसने यह खौफनाक कदम उठाया। क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह के अनुसार, किशोरी को सुरक्षित कस्टडी में लेकर काउंसलिंग की जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।












