नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के वीएम हॉल से जुड़े हनीट्रैप मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के मोबाइल फोन से 12 वीडियो बरामद हुए हैं. जांच एजेंसियां अब इन वीडियो के आधार पर संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हैं. मामले में चार आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं.
डेटिंग ऐप के जरिए बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया है कि आरोपी गे-डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करते थे. बातचीत के बाद उन्हें मिलने के बहाने वीएम हॉल के कमरे में बुलाया जाता था. आरोप है कि वहां पहले से तैयार गिरोह के सदस्य युवक को डराकर उसका वीडियो बना लेते थे.
इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़ितों से पैसे वसूले जाते थे. पुलिस को आशंका है कि गिरोह के शिकार हुए लोगों की संख्या करीब 50 तक हो सकती है और अब तक 10 लाख रुपये से अधिक की वसूली का अनुमान है.
ऐसे रचते थे पूरा जाल
गिरोह का तरीका कथित तौर पर पहले से तय रहता था. ऐप पर दोस्ती के बाद युवक को एक कमरे में बुलाया जाता. वहां मौजूद सदस्य स्थिति को इस तरह पेश करते कि पीड़ित घबरा जाए. इसके बाद कुछ अन्य लोग अचानक कमरे में पहुंचकर हंगामा करते और युवक पर आरोप लगाते.
फिर उसकी रिकॉर्डिंग कर उसे बदनाम करने की धमकी दी जाती थी. इसी डर का फायदा उठाकर पैसे की मांग की जाती थी. पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में पीड़ितों से बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई.
दो डेटिंग ऐप का इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ग्राइंडर और माय बॉय जैसे ऐप पर सक्रिय थे. इन प्लेटफॉर्म पर बनाए गए प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था.
एक मामले में 60 हजार रुपये की वसूली का आरोप
एक अन्य शिकायत में युवक ने आरोप लगाया कि उसे वीएम हॉल बुलाकर मारपीट की गई और करीब 60 हजार रुपये दो बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए. इसके साथ ही वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया गया है.
चार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और चार संदिग्ध आरोपियों की तलाश की जा रही है. गिरफ्तार छात्र शाहजिल को अदालत से राहत मिल चुकी है. पुलिस अब मोबाइल से मिले वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.












