नई दिल्ली: भारत और अफगानिस्तान के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी 13 सितंबर को दिल्ली में खेला जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस मैच के नतीजे से ज्यादा भारत के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हुई हैं। अगर आज वैभव को भारतीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में डेब्यू का मौका मिलता है और वह अफगानिस्तान के खिलाफ शतकीय पारी खेलने में सफल रहते हैं, तो वह पुरुष टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लेंगे। ऐसा करते ही वह साउथ अफ्रीका के लुआन-ड्रे प्रिटोरियस के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।
घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की तैयारी
वैभव भारत की धरती पर अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने उतर सकते हैं। दुनिया के कई महान क्रिकेटर उन्हें वर्तमान दौर का सबसे खतरनाक और प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी करार दे चुके हैं।
आज उनका बल्ला चला तो अफगान गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना नामुमकिन साबित हो सकता है। दर्शक भी इस 15 साल के युवा सितारे से चौकों और छक्कों की बरसात देखने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।
40 मैचों में 4 शतक और 216 का तूफानी स्ट्राइक रेट
वैभव सूर्यवंशी का अब तक का टी-20 करियर बेहद धमाकेदार रहा है। उन्होंने अब तक खेले 40 टी-20 मैचों में 42.82 की शानदार औसत और 216.32 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ 4 शतक ठोके हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव अगर क्रीज पर महज 5 ओवर भी टिक जाएं, तो पूरे मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय सरजमीं पर उनके आंकड़े और भी प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने भारत में अब तक कुल 30 टी-20 मुकाबले (23 आईपीएल और 7 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) खेले हैं, जिनमें 211.98 के स्ट्राइक रेट से 1,238 रन बनाए हैं और इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक निकले हैं।
लुआन-ड्रे प्रिटोरियस का रिकॉर्ड और दिग्गजों का क्लब
टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल साउथ अफ्रीका के लुआन-ड्रे प्रिटोरियस के नाम है, जिन्होंने महज 15 साल और 170 दिन की उम्र में यह ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया था। लुआन-ड्रे प्रिटोरियस (20 साल 161 दिन), अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजई (20 साल 337 दिन) और भारत के यशस्वी जायसवाल (21 साल 279 दिन) जैसे बड़े नाम इस सूची में शामिल हैं।
इसके अलावा जिम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट (21 साल 324 दिन) और भारत के तिलक वर्मा (22 साल 5 दिन) भी कम उम्र में शतक जड़ने वाले शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। ऐसे में वैभव के पास इन सभी को पछाड़कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने का बेहतरीन अवसर है।












