लखनऊ: राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला और इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल फोन की किस्त न चुका पाने की सजा एक बेबस युवक को अमानवीय यातनाएं सहकर चुकानी पड़ी। निगोहां इलाके में एक मोबाइल दुकानदार और उसके साथियों पर आरोप लगा है कि उन्होंने किस्त के पैसों की वसूली के लिए युवक का अपहरण कर लिया। इतना ही नहीं, पीड़ित को पांच दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, उसका जबरन खून निकलवाया गया और उससे मजदूरी भी कराई गई। जब परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई, तो मदद मिलने के बजाय उल्टा उन्हें ही केस में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया गया।
जीरो डाउन पेमेंट का जाल
पीड़ित नेवल के बड़े भाई राजकुमार के अनुसार, एक साल पहले उन्होंने निगोहां कस्बे की ‘गीता मोबाइल शॉप’ से 21,500 रुपये का सैमसंग फोन जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था।
इसकी 2,799 रुपये की 12 महीने की किस्त तय हुई थी। यह है कि फोन खरीदने के अगले ही महीने दुकान के कर्मचारी घर आकर मोबाइल वापस ले गए थे, लेकिन किस्त का विवाद बना रहा।
रंगदारी, गोमती में फेंकने की धमकी
बंधक बनाने के दौरान आरोपियों ने नेवल के बड़े भाई को फोन कर किस्त के 2,799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। जब परिजनों ने नेवल को छोड़ने की गुहार लगाई, तो आरोपियों की नीयत और बिगड़ गई। उन्होंने नेवल को रिहा करने के बदले 12 हजार रुपये की अतिरिक्त रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर युवक को जान से मारकर गोमती नदी में बहाने की धमकी दे डाली।
परिजनों के पुलिस तक पहुंचने पर आरोपियों ने पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा, लेकिन कैब का किराया भी पीड़ित परिवार से ही वसूला गया। थाने पहुंचने पर नेवल बदहवास हालत में मिला। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, तो निगोहां पुलिस ने न्याय देने के बजाय उन्हें ही डरा-धमकाकर भगा दिया और नेवल को किसी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
डीसीपी ऑफिस पहुंची मां, जांच के आदेश
थाने से दुत्कारे जाने के बाद पीड़ित की मां हिम्मत जुटाकर सोमवार को डीसीपी ऑफिस पहुंचीं और आला अधिकारियों के सामने पूरी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता और संवेदनहीनता को देखते हुए डीसीपी ने निगोहां थाना प्रभारी को तुरंत आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के रुख के बाद गांव में हड़कंप मचा है और पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है। बीती 8 सितंबर को दो दबंग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को जबरन उठाकर ले गए। पीड़ित की मां जदूराई का आरोप है कि आरोपी उनके बेटे को लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले गए, जहां दबाव बनाकर उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में पांच दिनों तक कैद रखा गया और उससे लगातार शारीरिक मजदूरी कराई गई।












