जन सुनवाई में पहुंची शिकायत से खुला फर्जीवाड़े का राज, ‘डायनेमिक ओवरसीज़’ के नाम पर चल रहा था कथित ठगी का धंधा

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नई दिल्ली: विदेश जाने का सपना दिखाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले कथित ठगों के खिलाफ उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कहानी की शुरुआत किसी गुप्त सूचना से नहीं, बल्कि “थाना दिवस जन सुनवाई” में पहुंची एक शिकायत से हुई। शिकायत पुलिस तक पहुंची तो जांच की परतें खुलती चली गईं और नेताजी सुभाष प्लेस के अग्रवाल साइबर प्लाजा-1 में डायनेमिक ओवरसीज़ के नाम पर चल रहे कथित वीजा धोखाधड़ी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले में कथित मास्टरमाइंड अबीर पोइलान (45) और उसके सहयोगी मुस्तकीम (38) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को इजराइल और इराक में रोजगार तथा वीजा दिलाने का झांसा देकर रकम लेते थे। जांच में सामने आया कि इजराइल का वीजा दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1.70 लाख रुपये, जबकि इराक के वीजा के लिए 70 हजार रुपये तक लिए जाते थे।

जन सुनवाई में आई शिकायत बनी पूरे खेल का सुराग

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि 1 अगस्त 2026 को थाना सुभाष प्लेस में आयोजित जन सुनवाई के दौरान एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में विदेश भेजने और वीजा दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत को जांच के लिए लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने शिकायत से जुड़े तथ्यों तकनीकी साक्ष्यों और कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगालना शुरू किया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित फर्जीवाड़े के तार नेताजी सुभाष प्लेस स्थित अग्रवाल साइबर प्लाजा-1 में संचालित “डायनेमिक ओवरसीज़” कार्यालय तक पहुंचते मिले। इसके बाद आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

exposed fraud scheme
Image Courtesy/ Pankaj Rai

पासपोर्ट से लेकर सोने के सिक्कों तक बरामद

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद जांच और पूछताछ के दौरान कथित ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए। मुख्य आरोपी अबीर पोइलान के कब्जे से 31 ग्राम वजन के कई सोने के सिक्के, 19 भारतीय पासपोर्ट, पांच मोबाइल फोन, तीन कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, भुगतान संबंधी रसीदें और दस्तावेज तथा डायनेमिक ओवरसीज़ की मोहरें बरामद की गईं।

पुलिस का कहना है कि बरामद सोने के सिक्के कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदे गए थे। जांच के दौरान सोने से जुड़े वित्तीय लेन-देन और एनबीएफसी से लिए गए गोल्ड लोन के रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है। वहीं, दूसरे आरोपी मुस्तकीम के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड और तीन पासपोर्ट बरामद किए गए। इनमें दो पासपोर्ट नेपाली नागरिकों के बताए गए हैं। पुलिस इन सभी सामान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।

शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा, सामने आया बड़ा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, जांच में लगभग 45 शिकायतकर्ताओं के इजराइल और इराक में रोजगार एवं वीजा दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं शुरुआती विवरण में 46 शिकायतकर्ताओं का भी उल्लेख है। पुलिस द्वारा शिकायतकर्ताओं की संख्या और कथित ठगी की कुल रकम का सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे, रकम किन खातों में पहुंची और कथित तौर पर ठगी से अर्जित रकम से कितनी संपत्ति खरीदी गई।

गिरवी रखे सोने की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि मुस्तकीम द्वारा दो सोने की चेन, जबकि अबीर द्वारा दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और एक जोड़ी कान की बालियां गिरवी रखे जाने की बात सामने आई है। पुलिस इन संपत्तियों के स्रोत और उनसे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शिकायतकर्ताओं से प्राप्त भुगतान रसीदों और अन्य दस्तावेजों को भी जांच में शामिल किया गया है, ताकि कथित ठगी की रकम की पूरी लेन-देन श्रृंखला का पता लगाया जा सके।

तकनीकी और वित्तीय जांच से पहुंची पुलिस आरोपियों तक

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और केस प्रॉपर्टी की बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण किया और इसके आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। इस संबंध में थाना सुभाष प्लेस में प्राथमिकी संख्या 514/2026, धारा 318(4)/336(3)/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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Image Courtesy/ Pankaj Rai

पुलिस टीम की अहम भूमिका

पूरी कार्रवाई आकांक्षा यादव उपायुक्त पुलिस उत्तर-पश्चिम जिला के समग्र पर्यवेक्षण में तथा  विजय सिंह संयुक्त पुलिस आयुक्त उत्तर क्षेत्र और देवेश चंद्र श्रीवास्तव विशेष पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, डिवीजन-जोन प्रथम के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में सुश्री सृष्टि भट्ट सहायक पुलिस आयुक्त सब-डिवीजन सुभाष प्लेस के निकट पर्यवेक्षण तथा इंस्पेक्टर तेजपाल सिंह थाना प्रभारी थाना सुभाष प्लेस की निगरानी में विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष टीम में उपनिरीक्षक राजेश कुमार, प्रधान सिपाही वरुण आलोक, प्रधान सिपाही रॉयल, सिपाही श्याम वीर, सिपाही धर्मेंद्र और सिपाही अनुपम शामिल रहे।

पहले भी दर्ज है मामला

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अबीर पोइलान पहले भी थाना गोविंदपुरी में प्राथमिकी संख्या 15/20, धारा 420 भारतीय दंड संहिता के मामले में संलिप्त रहा है। वहीं आरोपी मुस्तकीम की पूर्व आपराधिक संलिप्तता नहीं बताई गई है।

जांच अभी बाकी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि “डायनेमिक ओवरसीज़” के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया, कितने लोगों से रकम ली गई, कितने पासपोर्ट आरोपियों के पास पहुंचे और कथित ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। बरामद मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, कंप्यूटर और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास जारी है। एक शिकायत से शुरू हुई जांच ने कथित वीजा फर्जीवाड़े की कई परतें खोल दी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा शेष संपत्ति का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Reported by- Pankaj Rai 

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