नई दिल्ली: भारत सरकार को ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिलने की जानकारी सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बताया कि कुख्यात ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत वापस लाया गया है। शाह के मुताबिक, उसे तुर्की से डिपोर्ट कराया गया और अब वह ड्रग तस्करी समेत दूसरे आपराधिक मामलों में भारत में जेल भेज दिया गया है।
गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे केंद्र सरकार और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि बताया। शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर तुर्की में अपनी पहचान छिपाने के लिए ‘नवाब विर्क’ नाम का इस्तेमाल किया और वहां की नागरिकता हासिल कर ली थी।
Modi govt has achieved a historic milestone by securing the deportation of hardened narco-trafficking kingpin Navpreet Singh from Türkiye.
Obtaining Turkish citizenship under the fake identity of Navab Virk, he had continued to smuggle heroin and methamphetamine to India from…
— Amit Shah (@AmitShah) October 3, 2026
अफगानिस्तान से भारत तक ड्रग तस्करी का आरोप
अमित शाह ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पहचान बदलने के बावजूद नवप्रीत सिंह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़ा रहा। भारतीय एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और जांच के दौरान उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाया।
इसके बाद एजेंसियों ने तुर्की के अधिकारियों के साथ समन्वय कर उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की। भारत पहुंचने के बाद उसे ड्रग तस्करी और अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
ड्रग-कार्टेल के खिलाफ सरकार का बड़ा लक्ष्य
नवप्रीत सिंह की वापसी की जानकारी देते हुए अमित शाह ने ड्रग तस्करी के नेटवर्क को लेकर सरकार का लक्ष्य भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले देश में सक्रिय हर ड्रग-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री ने इस कार्रवाई में शामिल सभी एजेंसियों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल से इस तरह के मामलों में सफलता हासिल की जा रही है।
सीमा पार नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
नवप्रीत सिंह से जुड़े मामले में अफगानिस्तान, तुर्की और भारत के बीच कथित ड्रग नेटवर्क का जिक्र सामने आया है। ऐसे मामलों में तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों के बीच सहयोग अहम माना जाता है। सरकार पिछले कुछ वर्षों से नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने की बात कहती रही है। नवप्रीत की भारत वापसी को इसी अभियान की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।












