नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई दोनों जगह बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी, AISA समेत कई छात्र और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया, तो वहीं मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CIP) के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी को देखते हुए शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है। सुबह-सुबह आए विजुअल में जवान बसों में भरकर पहुंचते नजर आए। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस के साथ RAF के जवानों को भी तैनात किया गया है।
आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान
वहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने शनिवार को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने दोपहर 1 बजे लोगों से जुटने की अपील की है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि उनका संगठन 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेगा। दिल्ली पुलिस ने मुख्य जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और नई दिल्ली के कई इलाकों में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
शुक्रवार को 1000 से ज्यादा लोग हिरासत में
शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 1000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी, संजय सिंह के साथ-साथ योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा जैसे बड़े नाम भी शामिल थे।
दरअसल, राजनीतिक दल और AISA, SFI, NSUI समेत कई छात्र संगठन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि SIR के नाम पर लाखों लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिसके लिए सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त जिम्मेदार हैं। इसी वजह से वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े हैं।












