मालिक की रकम हड़पने के लिए रची साजिश, शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड, साथी समेत गिरफ्तार

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 30 लाख रुपये की कथित लूट की वारदात का मामला जांच के दौरान ऐसा मोड़ ले गया जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। जिस युवक ने खुद को बदमाशों का शिकार बताया था, वही कथित तौर पर पूरी वारदात का सूत्रधार निकला। पश्चिमी जिले के थाना मोती नगर पुलिस ने कथित फर्जी लूट की साजिश का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ता और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरे 30 लाख रुपये नकद नकदी से भरा बैग और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है।

कहानी शुरू हुई लूट की शिकायत से

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान ज्वाइंट सीपी वेस्टर्न रेंज सुमन गोयल ने बताया कि 2 अक्टूबर को थाना मोती नगर में जखीरा फ्लाईओवर के पास लूट की घटना की पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी की निगरानी में जांच अधिकारी उपनिरीक्षक अंकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात शिकायतकर्ता प्रवीण मल्होत्रा से हुई।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह टिकरी कलां स्थित मदन लाल प्लास्टिक में नकदी संग्रह करने का काम करता है। उसके अनुसार 1 अक्टूबर को उसने अपने नियोक्ता के निर्देश पर तीन अलग-अलग स्थानों से करीब 30 लाख रुपये की नकदी एकत्र की थी। उसने आरोप लगाया कि नकदी लेकर मोटरसाइकिल से वापस लौटते समय काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया। कथित बदमाशों ने उससे नकदी से भरा बैग छीन लिया और ब्लेड से उसके सीने पर चोट भी पहुंचाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मोती नगर में एफआईआर संख्या 423/2026, दिनांक 2 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कैमरे ने बदल दी पूरी कहानी

पुलिस टीम को शुरुआत से ही शिकायतकर्ता की कहानी में कुछ ऐसे तथ्य नजर आए जो आपस में मेल नहीं खा रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के कपड़ों की स्थिति पर गौर किया। उसके सीने पर चोट होने की बात कही गई, लेकिन कमीज पर चोट के अनुरूप कोई कट नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और बताए गए समय के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई घटना की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने उसके पूरे रूट की जांच की और उसके बयानों का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से किया। पूछताछ के दौरान उसके बयानों में कथित तौर पर लगातार विरोधाभास सामने आने लगे। यहीं से पुलिस को शक गहराया कि 30 लाख रुपये की यह कहानी जितनी दिखाई जा रही है मामला उससे कहीं अलग है।

पूछताछ में खुला कथित साजिश का राज

पुलिस के अनुसार, लगातार पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने नियोक्ता की रकम अपने पास रखने के इरादे से फर्जी लूट की कहानी रची थी। जांच में सामने आया कि उसने नकदी से भरा बैग अपने साथी प्रवीण उर्फ प्रेम को केशवपुरम मेट्रो स्टेशन के पास सौंप दिया था। इसके बाद कथित तौर पर खुद को घायल दिखाने के लिए उसने रेजर ब्लेड से अपने सीने पर चोट लगाई। पुलिस के मुताबिक, कहानी को और वास्तविक दिखाने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी कथित तौर पर पीरागढ़ी मेट्रो स्टेशन के पास क्षतिग्रस्त कर फेंक दिया।

बहादुरगढ़ में पुलिस की दबिश, 30 लाख बरामद

जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित आरोपी साथी के ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस ने वहां से पूरे 30 लाख रुपये नकद और नकदी वाला बैग बरामद कर लिया।इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पुलिस ने मामले में शिकायतकर्ता प्रवीण मल्होत्रा, उम्र 24 वर्ष, निवासी पश्चिम विहार, दिल्ली तथा उसके कथित साथी प्रवीण उर्फ प्रेम, उम्र 23 वर्ष, निवासी बहादुरगढ़, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

जांच टीम ने ऐसे जोड़ी कड़ियां

इस पूरी कार्रवाई में थाना मोती नगर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज घटनास्थल की जांच और पूछताछ को आधार बनाकर शिकायतकर्ता के बयान की पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आए विरोधाभासों ने कथित फर्जी लूट की कहानी की परतें खोल दीं और आखिरकार पुलिस 30 लाख रुपये की पूरी रकम तक पहुंच गई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अंकुर, उपनिरीक्षक अमित, हेड कांस्टेबल राजेंद्र, हेड कांस्टेबल सतबीर और कांस्टेबल नरेश की टीम शामिल रही। टीम ने थाना मोती नगर के एसएचओ और एसीपी पंजाबी बाग के निर्देशन में कार्रवाई को अंजाम दिया, जबकि पूरे अभियान की निगरानी पश्चिमी जिले के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी के निगरानी में की गई।

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