5-स्टार होटल में महिला को वॉशरूम जाने से रोका, VIDEO वायरल ही मचा बवाल

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नई दिल्ली: दिल्ली के एक 5-स्टार होटल से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक महिला का दावा है कि उसे सिर्फ इसलिए वॉशरूम इस्तेमाल नहीं करने दिया गया क्योंकि वह होटल की गेस्ट नहीं थी। इस घटना के बाद होटलों के नियमों और आम लोगों की बुनियादी जरूरत को लेकर बहस तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला चलिए जानते है।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया मामला 

महिला ने खुद इस पूरे वाकये का वीडियो बनाया है। बाद में इसे ‘एक्स’ पर प्रज्ञा नाम की यूजर ने शेयर किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में महिला कैमरे पर बताती है कि वह वॉशरूम इस्तेमाल करने आई थी, लेकिन होटल स्टाफ ने मना कर दिया। इसके बाद वह कैमरा घुमाती है तो पीछे Shangri-La Eros New Delhi होटल की बिल्डिंग साफ दिखाई देती है।

महिला ने उठाए सवाल

वीडियो में महिला कहती है कि इतनी बड़ी जगह और इतनी सारी सुविधाओं के बावजूद आम लोगों को वॉशरूम तक इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा। क्या इमरजेंसी में भी किसी को इस तरह रोका जाना सही है?

एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए प्रज्ञा ने Indian Sarais Act, 1867 का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत यात्रियों को होटलों में टॉयलेट जैसी सुविधाएं लेने का अधिकार है। प्रज्ञा ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ गेस्ट न होना किसी को वॉशरूम से रोकने की जायज वजह हो सकती है? उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ होटल की प्राइवेट प्रॉपर्टी का मामला मानकर नहीं देखना चाहिए, बल्कि कानूनी पहलू पर भी ध्यान देना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर दो गुटों में बंटे लोग

वीडियो सामने आते ही यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए। एक वर्ग का कहना है कि वॉशरूम एक बुनियादी जरूरत है। मॉल, होटल जैसी जगहों पर, खासकर महिलाओं को, इमरजेंसी में यह सुविधा मिलनी ही चाहिए। वहीं दूसरे वर्ग ने होटल के नियमों का समर्थन किया। यूजर्स का कहना है कि 5-स्टार होटलों में सुरक्षा को लेकर सख्त प्रोटोकॉल होते हैं। हर आने-जाने वाले की एंट्री दर्ज की जाती है।

अगर किसी भी बाहरी व्यक्ति को सीधे अंदर आने दिया गया तो सुरक्षा से जुड़ा खतरा पैदा हो सकता है। कुछ लोगों ने तो यह तक कहा कि ऐसी स्थिति में पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। फिलहाल यह मामला सिर्फ वॉशरूम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जरूरत बनाम प्राइवेट प्रॉपर्टी के अधिकार और होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ी बहस बन गया है।

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