मथुरा: जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने का मामला एक बार फिर सामने आया है। उनके पौने दो साल के कार्यकाल में इस तरह की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले भी फर्जी आईडी बनाए जाने के मामले में थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से सोशल मीडिया पर अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग किए जाने का मामला गंभीर होता जा रहा है।
फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए भरोसा जीतकर ठगी की आशंका
फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि आईडी बनाने वाला व्यक्ति जिलाधिकारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतने के बाद उनसे रुपये ऐंठने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, इस मामले में ठगी होने की पुष्टि नहीं हुई है। फर्जी प्रोफाइल के सामने आने के बाद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
जिलाधिकारी ने खुद दी चेतावनी, प्रोफाइल को बताया फर्जी
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं फर्जी फेसबुक आईडी की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनके नाम से बनाई गई प्रोफाइल वास्तविक नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस तरह की किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें और न ही किसी के कहने पर रुपये भेजें। सोशल मीडिया पर उनके नाम से कोई संदेश मिलने पर उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य कर लें।
सतर्कता बरतें, बिना जांच आर्थिक लेनदेन से बचें
जिलाधिकारी ने लोगों को आगाह किया कि सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर भेजे गए संदेशों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। किसी भी तरह के आर्थिक लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करें। इस तरह की सतर्कता से साइबर ठगी की आशंका को कम किया जा सकता है।












