नई दिल्ली: नशे के खिलाफ जंग, युवाओं के भविष्य के नाम! सड़कों पर दौड़ेंगी मोटरसाइकिलें गूंजेगा नशामुक्त भारत का संदेश और देश की एकता का संकल्प होगा बुलंद। दिल्ली पुलिस के आठ जांबाज मोटरसाइकिल सवार अब नशे के खिलाफ जागरूकता की एक ऐसी मुहिम का हिस्सा बनने जा रहे हैं जिसका संदेश देश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित होने वाली देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त अनूराग कुमार ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में दिल्ली पुलिस के मोटरसाइकिल दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
नशे के खिलाफ हुंकार, एकता का दमदार संदेश
इस अभियान का मूल मंत्र है—नशे को ना, जिंदगी को हां! केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के समन्वय से आयोजित इस रैली का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस से जुड़ा है। रैली को 21 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर केंद्रीय गृह मंत्री औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के मोटरसाइकिल दल एक साथ नशामुक्त भारत का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे।
1,300 किलोमीटर का सफर, चार पड़ाव और एक संकल्प
दिल्ली से गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) तक लगभग 1,300 किलोमीटर की सड़क यात्रा तय की जाएगी। इस दौरान जयपुर अजमेर, उदयपुर और गांधीनगर में रात्रि विश्राम निर्धारित है। रैली के 25 अक्टूबर को एकता नगर पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां देशभर से आए मोटरसाइकिल दल एकत्र होंगे। सफर केवल मंजिल तक पहुंचने का नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता की अलख जगाने का भी होगा। योजना के अनुसार राइडर्स स्थानीय पुलिस के समन्वय से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे। इंडिया गेट और लाल किले जैसे प्रमुख स्थानों पर भी लोगों से संवाद कर नशे के दुष्परिणामों का संदेश पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की टीम में आठ राइडर्स, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दिल्ली पुलिस के मोटरसाइकिल दल में पांच मुख्य और तीन आरक्षित राइडर्स शामिल हैं। यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जैकेट, पतलून, दस्ताने, जूते तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। दल के साथ आरक्षित मोटरसाइकिलों के परिवहन के लिए ट्रक, एक अर्टिगा और एक मिनी बस भी रहेगी, ताकि यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं, प्रशासनिक कार्य और मीडिया संबंधी जरूरतें पूरी की जा सकें।
उत्तर भारत की टीमें भी होंगी शामिल
सीआरपीएफ के समन्वय में आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान में लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब की मोटरसाइकिल टीमें भी भाग लेंगी। इन टीमों और उनके सहयोगी कर्मचारियों के ठहरने की व्यवस्था दिल्ली की न्यू पुलिस लाइंस में की जा रही है। दिल्ली पुलिस उनके आवास और भोजन संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है, ताकि सभी दल अभियान में सुचारु रूप से हिस्सा ले सकें।
31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर होगा समापन समारोह
रैली का अंतिम पड़ाव गुजरात का एकता नगर होगा, जहां 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में राष्ट्रीय स्तर का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मोटरसाइकिल दल एकता परेड में भी भाग लेंगे। दिल्ली पुलिस का यह अभियान साफ संदेश देता है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का संकल्प भी है। संदेश साफ है नशे से दूरी, जिंदगी से दोस्ती; एकता की ताकत, नशामुक्त भारत!
Reported By: Pankaj Rai












