नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में खाकी के भीतर उठी नाराजगी अब पुलिस मुख्यालय की दहलीज तक पहुंच गई है। शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच हुए विवाद के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम अब पुलिस विभाग के भीतर विरोध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर उस समय हलचल मच गई, जब एसीपी मानसवी वशिष्ठ सहित करीब 100 पुलिसकर्मी एकजुट होकर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। मामले की शुरुआत शाहदरा थाने में हुए विवाद से हुई थी। आरोप है कि थाने के भीतर कुछ वकीलों ने तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के साथ दुर्व्यवहार किया था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था जो बाद में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया।
तबादले के फैसले से बढ़ी नाराजगी
इस पूरे प्रकरण के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शाहदरा के एसीपी और एसएचओ, दोनों का तबादला कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी प्रशासनिक फैसले से पुलिसकर्मियों में नाराजगी पैदा हुई। पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पहुंचना और वहां विरोध दर्ज कराना इसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यालय के बाहर एकजुट हुई खाकी
करीब 20 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और एसीपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर थाने में हुए विवाद के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को तबादले का फैसला क्यों लेना पड़ा? क्या पुलिसकर्मी इस कार्रवाई को उचित नहीं मान रहे हैं? क्या इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों का पक्ष पर्याप्त रूप से सुना गया? इन सवालों के जवाब अब पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस के भीतर अधिकारियों और कर्मचारियों की नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया है। शाहदरा थाने का विवाद अब केवल थाने की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वरिष्ठ अधिकारी इस विरोध और उठाए गए सवालों पर क्या रुख अपनाते हैं।
Reported By: Pankaj Rai












