नई दिल्ली: इजराइल में चुनाव के बाद सरकार बनाने को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच तेल अवीव से बड़ी खबर सामने आई है। दो अरब पार्टियों ने गादी आइजनकोट को बाहर से समर्थन देने की बात कही है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक शर्त रख दी है। शर्त है नेसेट यानी इजराइली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना को पद से हटाना चहाते है।
जल्द इस मुद्दे पर नेताओं की हो सकती है मुलाकात
इजराइली अखबार हारेत्ज के मुताबिक अरब पार्टियों का पहला मकसद बेंजामिन नेतन्याहू को PM की कुर्सी से हटाना है। इसी को लेकर दोनों पार्टियों के नेताओं ने सोमवार, 2 नवंबर को बैठक की। RA’AM पार्टी के एक सीनियर नेता ने कहा कि हम सरकार को बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार हैं। सरकार बनाने की कोशिशें चल रही हैं और जल्द ही हमारे नेता इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं।
पहले स्पीकर को हटाओ, फिर सरकार बनाओ
जॉइंट लिस्ट पार्टी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि हमने सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। हमारी मांग है कि चेंज ब्लॉक के नेता पहले स्पीकर को हटाएं। यही सरकार बनाने की दिशा में पहला कदम होगा। RA’AM की तरफ से भी कहा गया कि इजराइल में चेंज ब्लॉक की सरकार बनने जा रही है। दोनों अरब पार्टियों के पास कुल 19 सांसद हैं। अगर ये गादी आइजनकोट के साथ आती हैं तो उनका आंकड़ा 67 तक पहुंच जाएगा।
इजराइल में सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों की जरूरत होती है, जबकि इस समय नेतन्याहू गठबंधन के पास सिर्फ 53 सदस्य हैं। ऐसे में अरब पार्टियों का समर्थन आइजनकोट के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
बुधवार से शुरू होगी राष्ट्रपति की बैठक
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक राष्ट्रपति इसाक हर्जोग बुधवार से सभी पार्टियों से एक-एक करके बात करेंगे। इसके बाद वह किसी एक नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। हर्जोग ने कहा कि हमें एक और चुनाव से बचना चाहिए। उनकी कोशिश होगी कि बहुमत के आधार पर किसी नेता को चुना जाए। अगर कोई भी दल बहुमत साबित नहीं कर पाया तो संसद भंग कर दी जाएगी और अगले चुनाव तक नेतन्याहू ही केयरटेकर प्रधानमंत्री के तौर पर बने रहेंगे।












