गुमशुदा बच्चों की तलाश में दिल्ली पुलिस का 'मिशन मोड', 268 पुलिसकर्मियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

0
10

नई दिल्ल: किसी बच्चे का अचानक लापता होना सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है। ऐसे मामलों में एक-एक मिनट की अहमियत को समझते हुए दिल्ली पुलिस ने अब अपनी जांच व्यवस्था को और धार देने की तैयारी की है। इसी कड़ी में मध्य और उत्तरी जिले के करीब 268 पुलिसकर्मियों के लिए विशेष संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। मकसद साफ है—गुमशुदगी की हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई, तेज जांच और लापता बच्चों एवं लोगों की सुरक्षित बरामदगी।

मध्य जिले के आवान-ए-गालिब सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय प्रशांत चौधरी ने शिरकत की। इसमें एसडीपीओ, थाना प्रभारी, जांच अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हुए। वरिष्ठ लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव और किशोर न्याय बोर्ड-द्वितीय की प्रधान मजिस्ट्रेट कृतिका चतुर्वेदी ने कानूनी प्रावधानों और जांच की बारीकियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

पहले 24 घंटे में तेज कार्रवाई का मंत्र

प्रशिक्षण में स्पष्ट संदेश दिया गया कि गुमशुदगी के मामले में शुरुआती 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। लापता व्यक्ति की उम्र चाहे जो भी हो, शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। कानून के मुताबिक बिना अनावश्यक देरी प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया संख्या 18/2024 के तहत जांच अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी समझाई गईं।

तकनीक बनेगी पुलिस का मजबूत हथियार

लापता लोगों का विवरण तत्काल जिपनेट पर अपलोड करने, पड़ोसी जिलों के नियंत्रण कक्षों को सूचना भेजने और रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्रों तथा सामाजिक माध्यमों से व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए। घटनास्थल की जांच, साक्ष्य जुटाने और संवेदनशील मामलों की पहचान पर भी विशेष जोर रहा।

Image Courtesy/ Pankaj Rai
 Image Courtesy/ Pankaj Rai

लापरवाही पर होगी जवाबदेही

वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक पखवाड़े लंबित मामलों की समीक्षा करने, केस डायरी दुरुस्त रखने और जांच की प्रगति पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी समझाई गई। मानव तस्करी, नवजात शिशुओं की सुरक्षा और पीड़ितों के पुनर्वास से जुड़े न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रशांत चौधरी और एसीपी करोल बाग शिवम ने वरिष्ठ लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव तथा प्रधान मजिस्ट्रेट कृतिका चतुर्वेदी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस पहल ने पुलिसकर्मियों को एकजुट संदेश दिया। गुमशुदगी का हर मामला प्राथमिकता है और किसी भी परिवार की उम्मीद टूटने नहीं दी जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here