मिर्च पाउडर झोंककर लूटे थे 70 लाख: 3 राज्यों में दबिश देकर 6 बदमाश दबोचे, ₹30.23 लाख कैश बरामद

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में दिनदहाड़े नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई 70 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का उत्तरी जिला पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गुलाबी बाग अंडरपास के पास स्कूटी सवार कारोबारी कर्मचारी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर 70 लाख रुपये से भरा बैग लूटने वाले गिरोह के छह आरोपियों को पुलिस ने दिल्ली, राजस्थान और बिहार में एक साथ दबिश देकर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 30 लाख 23 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल एक अपाचे मोटरसाइकिल, काला बैग, तीन एटीएम कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है।

70 लाख की लूट की साजिश

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उत्तरी जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की पटकथा चांदनी चौक के कूचा महाजनी में लिखी गई थी। गिरोह के कथित मुख्य साजिशकर्ता मंटू यादव को इलाके में नकदी के लेन-देन और कारोबारियों की आवाजाही की जानकारी थी। वह पहले कूचा महाजनी की एक दुकान पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर चुका था। इसी दौरान उसे पता चला कि कौन लोग बड़ी रकम लेकर इलाके से निकलते हैं। आरोप है कि उसने अपने साथियों को इकट्ठा कर नकदी ले जाने वालों को निशाना बनाने की योजना तैयार की।

ऐसे दिया था 70 लाख की लूट को अंजाम

पुलिस के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ता अपने नियोक्ता के निर्देश पर मायापुरी से स्कूटी लेकर चांदनी चौक स्थित कूचा घासी राम, कूचा महाजनी पहुंचा था। वहां से उसने 70 लाख रुपये की नकदी प्राप्त की और रकम गिनने के बाद काले बैग में रखकर स्कूटी के आगे फुटरेस्ट पर रख ली। रात करीब आठ बजे वह मायापुरी के लिए रवाना हुआ। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वह गुलाबी बाग अंडरपास और रोशनआरा पार्क के नजदीक डीएन रोड पर पहुंचा, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उसकी स्कूटी के आगे बाइक लगा दी। अचानक हुई घेराबंदी से वह संभल भी नहीं पाया कि एक बदमाश ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, जबकि बाकी दो ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश 70 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए।मामले में थाना रूप नगर में 26 अक्टूबर को एफआईआर संख्या 185/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) और 3(5) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी ने खोला राज, तकनीकी जांच से मिला सुराग

वारदात के बाद पुलिस ने चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में शिकायतकर्ता की स्कूटी के पीछे दो अपाचे मोटरसाइकिलें जाती दिखाई दीं। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों के पंजीकरण नंबरों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली, राजस्थान और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह के छह सदस्यों को दबोच लिया।

तीन दिन में तीन राज्यों तक पहुंची पुलिस की कार्रवाई

29 अक्टूबर को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से योगेश कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 लाख 53 हजार 500 रुपये बरामद हुए। इसी दिन दिल्ली के बुराड़ी स्थित आवास से सीतू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 11 लाख 80 हजार रुपये बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड मिला। 30 अक्टूबर को बिहार में छापेमारी के दौरान चंदन कुमार, शोभन उर्फ सोनू और मनीष कुमार उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया गया। चंदन के पास से 2 लाख 50 हजार रुपये और एक अपाचे मोटरसाइकिल, शोभन से एक लाख रुपये तथा मनीष से 5 लाख 29 हजार 500 रुपये बरामद किए गए। तीनों को बिहार की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर दिल्ली लाया गया।पूछताछ और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 31 अक्टूबर को चांदनी चौक के बल्लीमारान स्थित फाटक बरवाला से मंटू यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घर से काले बैग में रखे 8 लाख 10 हजार रुपये बरामद हुए। बैग से तीन बैंक डेबिट कार्ड और एक पैन कार्ड भी मिला।

बैंक खातों में भी खपाई लूट की रकम

पूछताछ में मंटू यादव ने कथित तौर पर लूट की रकम में से अपने हिस्से के 3 लाख 1 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराने की बात बताई। इनमें पंजाब नेशनल बैंक खाते में 1 लाख 30 हजार रुपये, बैंक ऑफ इंडिया खाते में 76 हजार रुपये, अपनी मां के खाते में 47 हजार 500 रुपये और बहन के पीएनबी खाते में 47 हजार 500 रुपये जमा कराने का दावा किया गया है। पुलिस इन सभी लेन-देन का बैंक रिकॉर्ड से सत्यापन कर रही है।

छह गिरफ्तार, दो अन्य संदिग्धों की तलाश

गिरफ्तार आरोपियों में चंदन कुमार (20), शोभन उर्फ सोनू (28), मनीष कुमार उर्फ विक्की (21), योगेश कुमार (30), सीतू (31) और मंटू यादव (25) शामिल हैं। इनमें सीतू के खिलाफ लूट के छह पूर्व आपराधिक मामलों में संलिप्तता का रिकॉर्ड बताया गया है। वहीं मंटू यादव को पुलिस ने कथित तौर पर वारदात की योजना बनाने और गिरोह को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाने वाला बताया है। पुलिस अब पवन और वकील नाम के दो अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

यह कार्रवाई उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के नेतृत्व और निगरानी में की गई। पूरी जांच एसीपी सिविल लाइंस राजेंद्र प्रसाद तथा एसीपी ऑपरेशंस नॉर्थ विशेष धत्तेरवाल की देखरेख में आगे बढ़ाई गई। थाना रूप नगर के एसएचओ इंस्पेक्टर रमेश कौशिक और स्पेशल स्टाफ उत्तरी जिला के प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम में एसआई हर्षित, एसआई अशोक मीणा, एसआई राजू, एसआई विनीत, एएसआई हरफूल, एएसआई जगपाल, हेड कांस्टेबल आकाश, देवेंद्र, रामबाबू, अमित, ललित, संदीप, सागर, संदीप, कांस्टेबल अमन, रविंदर, जितेंद्र और विक्की शामिल रहे। डीसीपी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। फरार संदिग्धों की तलाश के साथ-साथ लूट की शेष रकम का पता लगाने और बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है।

 

Reported By: Pankaj Rai

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