भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर हुआ ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

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भोपाल: चर्चित ट्विशा शर्मा मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. रविवार को उनका अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में किया गया. इससे पहले, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली स्थित एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम ने उनका दोबारा पोस्टमार्टम किया. इस मामले को लेकर परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है.

परिजनों ने ट्विशा को दी श्रद्धांजलि

ट्विशा के परिजन शुरू में उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में करने की योजना बना रहे थे, लेकिन तेज गर्मी और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय बदल दिया. बाद में परिवार ने भोपाल के लोगों, खासकर महिलाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अंतिम संस्कार में शामिल होकर ट्विशा को श्रद्धांजलि दें और न्याय की इस लड़ाई में उनका साथ दें.

अंतिम संस्कार से पहले ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने भावुक शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि हर वह व्यक्ति दुखी है जो बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय में विश्वास रखता है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की विदाई केवल एक निजी दुख नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल है.

12 मई को मृत मिली थी ट्विशा 

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं. घटना के बाद उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना है कि ट्विशा को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया. परिवार ने साफ कहा है कि वे दोषियों को सजा दिलाने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.

दूसरी ओर, ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थी. हालांकि, मृतका के परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.

मामले की जांच को लेकर परिवार ने दूसरी बार पोस्टमार्टम की मांग की थी. स्थानीय अदालत से राहत न मिलने के बाद वे उच्च न्यायालय पहुंचे. बाद में अदालत ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया.

जबलपुर से गिरफ्तार समर्थ सिंह

पुलिस ने इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. घटना के बाद से फरार चल रहे समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया. बताया गया कि उनके वकील ने हाईकोर्ट में कहा था कि वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं. शनिवार को भोपाल की अदालत ने समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

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