शौचालय के नीचे दबा था इतिहास का गहरा राज! तुर्की में मिली 1200 साल पुरानी प्राचीन कब्र

0
10
Roman Odeum Secret Grave
Roman Odeum Secret Grave

नई दिल्ली: तुर्की के प्राचीन शहर इफिसस में पुरातत्वविदों को एक ऐसी पुरातात्विक खोज मिली है, जिसने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है. प्रसिद्ध ‘आर्टेमिस मंदिर’ के पास एक पुराने और अनुपयोगी हो चुके रोमन शौचालय के ठीक नीचे 1200 साल पुरानी एक अनूठी कब्र पाई गई है. जब शोधकर्ताओं ने पत्थरों से बनी इस विशेष कब्र को खोला, तो उसमें दो बेहद छोटे कंकाल बरामद हुए. शुरुआती जांच से पता चला है कि ये अवशेष प्री-मैच्योर जन्मे जुड़वां बच्चों के हैं, जिनका जन्म गर्भावस्था के लगभग 7 से 7.5 महीने के बीच हुआ था.

दुर्लभ जेनेटिक बदलाव ने चौंकाया

ऑस्ट्रियन एकेडमी ऑफ साइंसेज की वैज्ञानिकों ने कैरोलिन पार्टियोट और लिली जब्राना ने इस पर गहन अध्ययन किया है, जो अंतर्राष्ट्रीय जर्नल ‘चाइल्डहुड इन द पास्ट’ में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उन्होंने देखा कि एक बच्चे की गर्दन के पास एक अतिरिक्त पसली मौजूद थी. चिकित्सीय भाषा में इसे ‘सुपरन्यूमेरी सर्वाइकल रिब’ कहा जाता है. यह एक अत्यंत दुर्लभ जेनेटिक स्थिति है, जो दुनिया की लगभग एक प्रतिशत आबादी में ही देखी जाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, नवजात शिशु में इस तरह का बदलाव ‘HOX जीन’ में आई गड़बड़ी की ओर इशारा करता है, जो गर्भ में शिशु के शारीरिक विकास को नियंत्रित करता है. माना जा रहा है कि इसी वजह से बच्चों की असामयिक मृत्यु हुई होगी.

आम कब्रिस्तान से अलग क्यों दफनाया गया?

इफिसस में आमतौर पर कब्रें मुख्य कब्रिस्तान में मिलती हैं, लेकिन इन शिशुओं को एक बंद पड़े टॉयलेट के नीचे दफनाया गया था. शोधकर्ताओं का मानना है कि उस दौर की ईसाई परंपराओं के तहत शायद बच्चों की मृत्यु बपतिस्मा संस्कार होने से पहले ही हो गई थी. इस वजह से उन्हें मुख्य ईसाई कब्रिस्तान में जगह नहीं दी जा सकी.

कब्र की खासियत

हालांकि, जिस खूबसूरती और मजबूती से पत्थरों को तराश कर यह कब्र बनाई गई थी, वह दर्शाती है कि परिजनों ने अपने नवजात शिशुओं को गहरे सम्मान और प्यार के साथ अंतिम विदाई दी थी. खुदाई के दौरान बच्चों की मां से जुड़ा कोई अवशेष नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रसव के दौरान मां जीवित बची थी या नहीं. 1200 साल पुरानी यह दुर्लभ खोज प्राचीन काल की मानवीय भावनाओं और तत्कालीन समाज के रीति-रिवाजों का एक भावुक साक्ष्य पेश करती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here