नई दिल्ली: जिस वक्त पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने की तैयारियों में जुटा था, ठीक उसी समय देश के विभिन्न हिस्सों में हुए भीषण आतंकी हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं। अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से लेकर पंजाब की प्रांतीय राजधानी लाहौर तक दहशतगर्दों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमले किए। शुक्रवार को हुए इन अलग-अलग हमलों में एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिस जवानों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस खून-खराबे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान अपने ही पाले हुए आतंकवाद के जाल में बुरी तरह उलझ चुका है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए इस खूनी खेल ने पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।
खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी को बनाया निशाना
पहला हमला उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत स्थित बाजौर जिले में सामने आया। शुक्रवार तड़के बरंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कोही सार पुलिस जांच चौकी पर अज्ञात आतंकवादियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इस अचानक हुए हमले में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले की जिम्मेदारी तुरंत किसी चरमपंथी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन इलाके में बढ़ते उग्रवाद को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
लाहौर की सड़कों पर टीटीपी का तांडव
दूसरी तरफ, पंजाब प्रांत का ऐतिहासिक शहर लाहौर भी हिंसा की आग से अछूता नहीं रहा। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े जमात-उल-अहरार गुट के हथियारबंद आतंकियों ने घनी आबादी वाले बादामी बाग इलाके में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दो पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पंजाब के डीआईजी कामरान फैसल के मुताबिक, इस वारदात को टीटीपी के कुख्यात आतंकी रेहान बट ने अंजाम दिया, जो अपने भाई फैजान की 2024 में हुई पुलिस मुठभेड़ की मौत का बदला लेने की फिराक में था। हमले का मुख्य निशाना सब-इंस्पेक्टर अदील आशिक थे, जो उस एनकाउंटर टीम का हिस्सा रहे थे।
मुल्तान रोड पर अंधाधुंध गोलीबारी और हाई अलर्ट
बादामी बाग की घटना के महज एक घंटे के भीतर ही आतंकियों ने लाहौर के मुल्तान रोड स्थित तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) मुख्यालय के बाहर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। बाइक सवार हमलावरों ने पुलिस चौकी पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें तीन जवान और एक राहगीर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान कांस्टेबल हारिस की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस दूसरे हमले के पीछे भी रेहान बट और उसकी टीम का ही हाथ है।
इन बैक-टू-बैक हमलों के बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पुलिस महानिदेशक को पूरे सूबे में हाई अलर्ट जारी करने और अपराधियों को दबोचने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए इस खूनी खेल ने पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।












