प्यूर्टो रिको के तट पर पलटी प्रवासियों से भरी नाव, 40 लोगों को बचाया, 2 की मौत, कई अब भी लापता

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नई दिल्ली: प्यूर्टो रिको के पश्चिमी समुद्री तट के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रवासियों से भरी एक अनधिकृत नाव दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। अमेरिकी तटरक्षक बल ने फौरन कार्रवाई करते हुए अब तक कम से कम 40 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जीवित बचे लोगों के मुताबिक, नाव में करीब 60 यात्री सवार थे, जिसके चलते कई अन्य लोगों के अब भी लापता होने की आशंका बनी हुई है। सोमवार देर शाम तक राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहा, ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

अमेरिकी तटरक्षक बल के अनुसार, यह हादसा रविवार देर रात हुआ था। नाव पर सवार यात्रियों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों पर माछेते यानी बड़े धारदार चाकू से हमला हुआ, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हिंसा के बाद डरे हुए यात्री बिना लाइफ जैकेट पहने ही गहरे समुद्र में कूद पड़े, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर पलट गई।

12 घंटे तक पानी में करते रहे संघर्ष

जिंदा बचे प्रवासियों ने बताया कि हादसे के बाद वे करीब 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक खुले समुद्र में फंसे रहे। सोमवार दोपहर मोना द्वीप के पास से गुजर रही एक नौका के चालक की नजर जब इन लोगों पर पड़ी, तो उसने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी और मौके से चार लोगों को पानी से बाहर निकाला। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि नाव में सवार लोग किस देश के नागरिक थे, अमेरिकी तटरक्षक बल की प्रवक्ता के मुताबिक इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

खतरनाक रास्ते से हो रहा था पलायन

गौरतलब है कि कैरिबियाई क्षेत्र में हैती और डोमिनिकन गणराज्य वाले हिस्पेनियोला द्वीप से गरीबी और हिंसा से तंग आकर लोग अक्सर बेहद खतरनाक मोना पैसेज के रास्ते प्यूर्टो रिको और आसपास के द्वीपों की तरफ रुख करते हैं। कामचलाऊ और क्षमता से ज्यादा भरी नावों के जरिए किए जाने वाले इस तरह के जोखिम भरे सफर में पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं।

बता दें कि हैती में गिरोहबंद हिंसा के कारण हालात बेहद खराब हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून के बीच हैती में 3,050 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, और रिकॉर्ड 15 लाख लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के करीब 70 फीसदी हिस्से पर सशस्त्र गिरोहों का कब्जा हो चुका है।

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