नई दिल्ली: तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। कॉकपिट में सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर चाकू से हमला कर दिया, विमान हजारों फीट नीचे गिरने लगा, लेकिन 6 साल की एक बच्ची की छोटी सी जिद ने पूरी फ्लाइट को बचा लिया।
दरअसल 6 साल की नीना मानेस को टॉयलेट जाना था। उसने अपनी मां ताली से कहा कि उसे वॉशरूम ले चलो। मां-बेटी कॉकपिट के पास ही थीं, तभी अंदर से चीखने की आवाजें आने लगीं। सह-पायलट कप्तान पर चाकुओं से वार कर रहा था।
“कॉकपिट में हर तरफ खून था” – मां ने सुनाई आंखों देखी
ताली ने इजरायल के चैनल 12 को बताया, “कॉकपिट में हर तरफ खून था, बहुत तीखे हमले हो रहे थे। मैं चिल्लाई कि पायलट को चाकू मारा जा रहा है, पहले किसी को समझ ही नहीं आया।” इस चीख-पुकार के बाद केबिन क्रू तुरंत दौड़ा। नीना के पिता ज्विका मानेस ने बताया कि जब विमान तेजी से नीचे गिरने लगा तो बेटियों की चीख सुनकर वह कॉकपिट की तरफ भागे। बेटियां कह रही थीं कि हम मरना नहीं चाहते।
हजारों फीट नीचे गिरा विमान
यात्रियों ने बताया कि विमान कंट्रोल से बाहर हो रहा था और लोग डर से चिल्ला रहे थे। तभी कुछ यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और सह-पायलट को पकड़कर काबू में कर लिया। खून से लथपथ कैप्टन स्मित माछर ने जमीन पर गिरे-गिरे ही कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला बटन दबा दिया, ताकि मदद अंदर आ सके। एक यात्री ने संघर्ष के बीच ही सोशल मीडिया पर लिखा कि हमलावर को काबू कर लिया गया है और विमान लैंड करने वाला है।
4 लोगों को मिलेगा वीरता पुरस्कार
इस बहादुरी के लिए इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने चार लोगों को नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए नामित करने का ऐलान किया है, जिनमें यानिव हयून, ज्विका मानेस, आसफ राजुआन, एक प्लंबर जिसने हमलावर का गला दबाकर रोका और एक डेंटिस्ट जिसने पायलट को फर्स्ट-एड दिया, शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।












