नई दिल्ली: गांधी जयंती की छुट्टी इस बार सिनेमाघरों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगी, क्योंकि 2 अक्टूबर को दो बिल्कुल अलग मिजाज की फिल्में एक ही दिन दर्शकों के सामने आ रही हैं। एक तरफ सस्पेंस से भरी ‘दृश्यम 3’ है, तो दूसरी तरफ हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी ‘प्रेम कीटाणु’ अपनी किस्मत आजमाने उतर रही है। दोनों फिल्मों का जॉनर और दर्शक वर्ग अलग होने के चलते बॉक्स ऑफिस पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है।
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी को दर्शकों से हमेशा भरपूर प्यार मिला है, और अब इस सीरीज की कहानी अपने आखिरी मोड़ पर पहुंच चुकी है। तीसरी किस्त में विजय सालगांवकर की कहानी का अंत होने वाला है, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्सुकता है। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिरकार यह होशियार पिता इस बार अपनी चालों में कामयाब होगा या हार मान लेगा।
प्रेम कीटाणु देगी हल्का-फुल्का मनोरंजन
‘दृश्यम 3’ के बिल्कुल उलट ‘प्रेम कीटाणु’ एक हल्की और रोमांटिक कहानी लेकर आ रही है। यह फिल्म उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर, खासतौर पर गुड़गांव की पृष्ठभूमि में बुनी गई है, जिसमें प्यार, दोस्ती, कॉलेज लाइफ और बड़े होने की उलझनों को मजेदार अंदाज में पेश किया गया है। ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ के निर्देशक अपूर्व सिंह कार्की इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं, जिसमें वीर पहाड़िया, आफिया सईद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी और निखिल विजय जैसे कलाकार नजर आएंगे।
किन दर्शकों के लिए बनी हैं ये फिल्में
‘दृश्यम 3’ का आकर्षण क्राइम-थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों, फ्रेंचाइजी के फैंस और अजय देवगन की मौजूदगी में छिपा है। यह फिल्म देशभर के सिंगल स्क्रीन से लेकर बड़े मल्टीप्लेक्स तक रिलीज हो रही है। वहीं ‘प्रेम कीटाणु’ खासतौर पर युवाओं, कॉलेज स्टूडेंट्स और जेन-जी दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, और इसका मुख्य फोकस उत्तर भारत के दर्शकों पर है।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलीज के पहले दिन ‘दृश्यम 3’ बाजी मार सकती है। हालांकि इसके बाद की कमाई पूरी तरह पब्लिक रिव्यू पर टिकी होगी। अगर ‘दृश्यम 3’ को दर्शकों की तरफ से मिली-जुली या नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो इसका सीधा फायदा ‘प्रेम कीटाणु’ को मिल सकता है, और मुकाबला और भी रोमांचक हो सकता है।












