नई दिल्ली: नई दिल्ली में जाति आधारित आरक्षण के विरोध में युवाओं का प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है. बता दें, शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उनके द्वारा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई. हालांकि देर शाम सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। वहीं अब शनिवार तड़के कई प्रदर्शनकारी राजघाट पहुंचे, जहां पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है.
प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती की गई. उनका कहना है कि उन्हें जंतर-मंतर से हटाया गया और कुछ लोगों पर बल प्रयोग भी किया गया. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारी यह सवाल उठा रहे हैं कि जब वे किसी तरह की हिंसा नहीं कर रहे थे तो उनके आंदोलन को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी.
बता दें, एक प्रदर्शनकारी पंकज ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया. वहीं अभिषेक ठाकुर ने कहा कि उनका प्रदर्शन शुरू होने के कुछ ही समय बाद खत्म करा दिया गया, जबकि दूसरे समूहों को लंबे समय तक प्रदर्शन की अनुमति दी गई. सन्नी द्विवेदी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की धमकी दी गई और उनका मंच भी हटा दिया गया.
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी सहायता और आरक्षण की पात्रता तय करने में जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए. उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को उसकी जाति से अलग शिक्षा, कोचिंग और अन्य सरकारी सहायता मिलनी चाहिए. कुछ प्रदर्शनकारी मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और क्रीमी लेयर के प्रावधानों को लेकर भी बदलाव की मांग कर रहे हैं.
जंतर-मंतर पर नहीं थी विरोध की अनुमति
इस अभियान से जुड़े ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी. पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर किसी विरोध, जुलूस या सभा की अनुमति नहीं थी. हालांकि, मध्य जिला पुलिस के अनुसार रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी जारी की गई थी, जहां 500 लोगों तक के जुटने की अनुमति थी. वहीं अब प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और अतिरिक्त बल की तैनाती की है.












