कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर विकास, रोजगार और तकनीकी प्रगति को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. बजट में सरकारी कर्मचारियों से लेकर युवाओं, किसानों, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे तक लगभग हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है. सरकार ने साफ किया है कि राज्य को विकास की नई दिशा देने के साथ-साथ पहले से चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को भी बिना किसी बदलाव के जारी रखा जाएगा.
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘विकसित भारत और विकसित बंगाल’ के विजन को आगे बढ़ाना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में पहले से संचालित सभी सामाजिक योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ शुरू करने की घोषणा भी की गई है, जिससे लोगों को संकट के समय तुरंत सहायता मिल सकेगी.
कर्मचारियों और युवाओं को बड़ा लाभ
बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की गई है. यह बढ़ा हुआ डीए अक्टूबर 2026 से लागू होगा. इसके अलावा राज्य सरकार ने युवाओं के लिए एक लाख नई नौकरियां देने का ऐलान किया है. खास बात यह है कि इन भर्तियों में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए निर्धारित किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी.
प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है. कांथी क्षेत्र को नया पुलिस जिला बनाया जाएगा. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में नई नगरपालिकाएं और फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. सरकार का कहना है कि इन कदमों से प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता दोनों में सुधार होगा.
AI और डिजिटल व्यवस्था पर फोकस
तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पश्चिम बंगाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष ध्यान देगा. राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे, जिससे भूमि संबंधी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके. इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को अधिक निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा मजबूत ढांचा विकसित किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से प्रशासन और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सुधार लाना है.
बढ़ाया गया MLA फंड
राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता में एक नए सांस्कृतिक विद्यालय की स्थापना की जाएगी. वहीं स्थानीय विकास कार्यों को गति देने के लिए विधायकों को मिलने वाले MLA फंड को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को अधिक मजबूती मिलेगी.
जंगीपुर और सुरक्षा बलों के लिए विशेष प्रावधान
दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र में ‘फलता मॉडल’ लागू किया जाएगा. वहीं जंगीपुर क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है. साथ ही सिविक पुलिस और ग्रीन पुलिस के मानदेय में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी करने की घोषणा भी की गई है, जिससे इन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी.
राजनीतिक मामलों में मुआवजे का ऐलान
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जिन लोगों को कथित रूप से झूठे राजनीतिक मामलों में आरोपी बनाया गया था, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा. इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है.
एयरपोर्ट और रक्षा ढांचे को मिलेगा बढ़ावा
बजट में रक्षा और परिवहन क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. हासीमारा एयर फोर्स स्टेशन को 25 एकड़ और कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन को 37 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा कल्याणी के पास नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 1000 से 1500 एकड़ भूमि चिन्हित की जाएगी. पुरुलिया, बालुरघाट और मालदा में नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना है, जबकि कूचबिहार एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से मजबूत किया जाएगा. राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए पीपीटी मॉडल के तहत नए थर्मल पावर स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा.
बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस बार बजट दस्तावेजों को विशेष रूप से बंगाल की पारंपरिक संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया. फाइलों को जूट और पारंपरिक चटाई सामग्री से बनाया गया, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देता है.
















