नई दिल्ली: आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल अंतरिम जमानत के मामले में राहत नहीं मिली है. शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर तुरंत अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए मामले को लंबित रखा है. यह फैसला AIIMS की ओर से पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करने के बाद लिया गया. अदालत ने संकेत दिया है कि मामले में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी और अंतिम फैसला बाद में किया जाएगा.
AIIMS की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
सुप्रीम कोर्ट में पेश मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, आसाराम को इस समय अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं बताई गई है. हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें लगातार निगरानी और सहायता की आवश्यकता बताई गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को 24 घंटे प्रशिक्षित देखभाल करने वालों की निगरानी में रखा जाना चाहिए. इसी मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार किया है.
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई की. पीठ ने AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए तत्काल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. हालांकि, याचिका को खारिज नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि आसाराम की जमानत की मांग पर आगे भी सुनवाई हो सकती है. अदालत मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे निर्णय लेगी.
राजस्थान हाईकोर्ट ने क्यों दी पैरोल?
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की नियमित पैरोल देने का आदेश दिया था. अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार पैरोल देने से इनकार करने के लिए पर्याप्त और ठोस कारण बताने में सफल नहीं रही.
हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि आसाराम पहले मिली अंतरिम रिहाई के दौरान नियमों का पालन करते हुए पाए गए थे और वह 13 साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं.
50 हजार रुपये के मुचलके पर पैरोल
हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल के लिए 50,000 रुपये का निजी मुचलका और 25,000 रुपये की दो जमानतें जमा करने की शर्त रखी थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत के मामले में फिलहाल आसाराम को राहत नहीं मिली है. अब आगे की सुनवाई और AIIMS की रिपोर्ट पर होने वाले विचार से तय होगा कि उन्हें अंतरिम जमानत मिलती है या नहीं.












