2026 के सर्वे के मुताबिक करीब 48 फीसदी संभावित खरीदार 3BHK घर पसंद कर रहे हैं। इसके बाद 38 फीसदी लोगों की पसंद 2BHK है। वहीं 4BHK या उससे बड़े घरों की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे घरों को पसंद करने वालों की हिस्सेदारी करीब 5 फीसदी पहुंच गई है, जबकि दो साल पहले यह आंकड़ा लगभग 3 फीसदी था। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय खरीदार अब पहले की तुलना में ज्यादा स्पेस वाले घरों की तरफ बढ़ रहे हैं। शहरों के हिसाब से देखें तो 3BHK की मांग में काफी अंतर दिखाई देता है। अहमदाबाद में 57 फीसदी खरीदार 3BHK को पसंद कर रहे हैं।
चेन्नई में यह आंकड़ा 53 फीसदी और दिल्ली-NCR में भी करीब 53 फीसदी है। हैदराबाद में 52 फीसदी संभावित खरीदार 3BHK चाहते हैं। वहीं मुंबई-MMR में 3BHK की पसंद करीब 39 फीसदी रही। महानगरों में जगह और कीमत के अंतर का असर घर के आकार की पसंद पर भी दिखाई देता है।
₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ का बजट सबसे ज्यादा पसंद
सर्वे में घर खरीदने वालों के बजट में भी बड़ा बदलाव सामने आया है। करीब 34 फीसदी संभावित खरीदार ₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच कीमत वाले घर पसंद कर रहे हैं। वहीं ₹1.5 करोड़ से ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी को पसंद करने वालों की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी रही। इसका मतलब है कि एक बड़ा वर्ग अब ज्यादा कीमत देकर बड़े और बेहतर घर खरीदने के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।
₹45 लाख से कम बजट वाले घरों की मांग घटी
कम बजट वाली प्रॉपर्टी की मांग में गिरावट भी देखने को मिली है। 2022 में करीब 28 फीसदी खरीदार ₹45 लाख से कम कीमत वाले घर पसंद कर रहे थे। अब यह हिस्सेदारी घटकर लगभग 18 फीसदी रह गई है। इसके पीछे घरों की बढ़ती कीमत, बेहतर सुविधाओं की चाह और बड़े घरों की बढ़ती जरूरत जैसे कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, किफायती घरों की मांग अभी भी बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
नई लॉन्च प्रॉपर्टी को लेकर बढ़ा भरोसा
खरीदार अब नई लॉन्च हुई प्रॉपर्टी में निवेश करने से भी पहले की तुलना में कम हिचक रहे हैं। 2026 में करीब 34 फीसदी खरीदारों ने लॉन्च हुई प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दी। वहीं 18 फीसदी खरीदारों की पसंद रेडी-टू-मूव घर रहे। हालांकि, नई प्रॉपर्टी खरीदते समय डेवलपर की विश्वसनीयता, पुराने प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड और निर्माण पूरा करने की क्षमता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कीमत बढ़ने की चिंता फिर भी खरीदारी जारी
घर की बढ़ती कीमतों को लेकर खरीदारों में चिंता भी बनी हुई है। सर्वे में करीब 65 फीसदी लोगों ने प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई। इसके बावजूद 44 फीसदी खरीदार अपनी खरीदारी की योजना पर आगे बढ़ना चाहते हैं। कुछ लोग महंगे इलाकों के बजाय शहर के बाहरी हिस्सों में घर तलाश रहे हैं, जबकि कुछ खरीदार किराये के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।
घर अब सिर्फ रहने की जगह नहीं
आज के खरीदार घर को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि लंबे समय के एसेट के रूप में भी देख रहे हैं। करीब 67 फीसदी खरीदारों के लिए भविष्य की रीसेल वैल्यू महत्वपूर्ण है। इसके अलावा संभावित किराये की कमाई भी खरीदारी के फैसले में भूमिका निभा रही है। यानी 2026 में होमबायर स्पेस, लोकेशन, कीमत, डेवलपर की विश्वसनीयता और भविष्य की वैल्यू को एक साथ देखकर प्रॉपर्टी चुन रहे हैं।












