बिहार में CJP का अनोखा विरोध-प्रदर्शन, इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

0
9
Bihar CJP Protest
Bihar CJP Protest

पटना: बिहार में छात्र आंदोलनों का इतिहास बहुत पुराना और मुखर रहा है, लेकिन हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर लीक मामले ने राज्य में विरोध प्रदर्शनों की एक नई लहर पैदा कर दी है. कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू की गई यह मुहिम अब देश भर में फैल चुकी है, जिसमें छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग कर रहे हैं. इस पूरे आंदोलन की अगुवाई बिहार का छात्र समुदाय कर रहा है, जहां विरोध का स्वरूप एक दिन में ही हल्के-फुल्के माहौल से बदलकर व्यापक हिंसा में तब्दील हो गया.

पटना का वायरल वीडियो

बुधवार को पटना की सड़कों पर जब सैकड़ों छात्र अपनी मांगों को लेकर उतरे, तो भीषण गर्मी और तल्खी के बीच एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. पुलिस और छात्रों के बीच बैरिकेडिंग हटाने को लेकर झड़प हो रही थी, पत्थर और चप्पलें भी चलीं तथा पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा. इसी दौरान छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से गुजारिश की कि गर्मी बहुत अधिक है, इसलिए वाटर कैनन चला दी जाए. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जैसे ही पानी की बौछारें छोड़ीं, माहौल पूरी तरह बदल गया. छात्रों ने बैरिकेड्स और रस्सियों को हटा दिया, संगीत बजाया और पानी की बौछारों के बीच नाचने लगे. इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी मुस्कुराते नजर आए. हालांकि, यह खुशनुमा माहौल ज्यादा देर तक नहीं टिक सका.

अगले ही दिन भड़की हिंसा

गुरुवार होते-होते यह शांतिपूर्ण और मनोरंजक दिखने वाला आंदोलन राज्य के विभिन्न जिलों में अत्यधिक हिंसक हो गया. जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुई, जिनमें कम से कम 14 पुलिसकर्मी और कई छात्र घायल हो गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद 114 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया.

जहानाबाद: कारगिल चौक से ककोर मोड़ तक निकाले गए मार्च के दौरान स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई. एसपी किरण कुमार के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को 20 से 30 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी. इस पथराव में थाना प्रभारी सहित दो पुलिस अधिकारी चोटिल हुए. जिलाधिकारी छेरिंग वाई भूटिया ने बताया कि बाहरी तत्वों ने ट्रेनों के जरिए पहुंचकर माहौल बिगड़ा और डीएम आवास पर पथराव किया. रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दरभंगा: लोहिया चौक पर उपद्रवियों द्वारा किए गए भारी पथराव में सिटी एसपी और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि लगभग एक दर्जन अन्य कर्मियों को मामूली चोटें आईं. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जिलाधिकारी कौशल कुमार के अनुसार, मामले के आयोजकों की शिनाख्त की जा रही है और 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

कटिहार: समाहरणालय के समक्ष सैकड़ों छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए 14 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया. जिलाधिकारी आशितोष द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति की क्षति और पत्रकारों से बदसलूकी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

बेगूसराय, मुंगेर और मुजफ्फरपुर: बेगूसराय में भी बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें कई लोग घायल हुए. मुंगेर और मुजफ्फरपुर से भी व्यापक विरोध प्रदर्शन की खबरें दर्ज की गईं.

छात्र आंदोलनों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में उठा छात्र आंदोलन आपातकाल की नींव हिलाने में निर्णायक साबित हुआ, और 1990 में मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद भी छात्र शक्ति सड़कों पर उतरी थी. वर्तमान NEET आंदोलन भी उसी ऐतिहासिक परंपरा की कड़ी प्रतीत होता है, जहां अब प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए मुस्तैदी से जुटा हुआ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here