नई दिल्ली: सावन माह की शुरुआत गुरुवार को काशी में बाबा विश्वनाथ के जयकारों और भक्तों की आस्था के साथ हुई. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन किया और जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. इसके बाद उन्होंने काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा कालभैरव के दरबार में भी विधि-विधान से पूजा की.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर मंदिर के शिखर को प्रणाम किया. इसके बाद उन्होंने गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया. फिर बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचकर उन्होंने पूजा की. इस दौरान भैरवाष्टकम् स्तोत्र के बीच आरती भी उतारी गई. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के कल्याण और खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की.
काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. भोर से ही मंदिर में भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी. गंगा घाट से लेकर मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें नजर आईं. भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर परिवार और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की.
सुरक्षा के किए गए खास इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी. अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से कई इंतजाम किए गए.
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. इसी आस्था के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु वाराणसी पहुंच रहे हैं और बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं.












