वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन की इच्छा लेकर वृंदावन पहुंचे महाराष्ट्र और कासगंज के दो युवक अलग-अलग समय से लापता हैं। दोनों के परिजनों को आशंका है कि धार्मिक आस्था के चलते उनके बेटे आश्रम अथवा आसपास के किसी क्षेत्र में रुक गए हैं। गुमशुदगी की शिकायत संबंधित थानों में दर्ज होने के बावजूद परिजनों को अब तक उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। बेटे की तलाश में परिजन वृंदावन की गलियों से लेकर कोतवाली और आश्रम के आसपास तक भटक रहे हैं।
महाराष्ट्र के ओम की गुमशुदगी
छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र निवासी उज्जवला ताकपिरे का 20 वर्षीय इकलौता बेटा ओम परमेश्वर ताकपिरे 21 जुलाई को घर से वृंदावन आने के लिए निकला था। परिजनों के अनुसार उसने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कही थी। इसके बाद वह घर वापस नहीं पहुंचा। काफी समय तक बेटे से संपर्क नहीं होने पर मां ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और उसकी तलाश शुरू कर दी।
मां द्वारा तलाश और बढ़ी चिंता
ओम की तलाश में मां 23 जुलाई को वृंदावन पहुंचीं। उन्होंने कई दिनों तक कैलीकुंज आश्रम और आसपास के इलाकों में बेटे को तलाशा। परिजनों का कहना है कि आश्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में ओम दिखाई भी दिया था, लेकिन इसके बाद वह कहां गया, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। बेटे की तलाश में उज्जवला अब तक कई बार वृंदावन आ चुकी हैं। 25 सितंबर को कैलीकुंज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की मौत की घटना सामने आने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। वह चौथी बार वृंदावन पहुंचकर बेटे की तलाश कर रही हैं।
कासगंज के मयंक का मामला
दूसरा मामला कासगंज की आवास विकास कॉलोनी का है। यहां रहने वाले चंद्रपाल सिंह चौहान का 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान सात अगस्त को घर से वृंदावन दर्शन करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन मयंक का पता नहीं चल सका।
मयंक की आस्था और पिता की तलाश
परिजनों के मुताबिक मयंक संत प्रेमानंद महाराज में गहरी आस्था रखता था और नियमित रूप से नाम-जाप करता था। इसी वजह से पिता को आशंका है कि वह वृंदावन में आश्रम अथवा आसपास के किसी स्थान पर ठहरा हो सकता है। कासगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद चंद्रपाल सिंह चौहान लगातार वृंदावन आकर बेटे की तलाश कर रहे हैं।
परिजनों की मांग
दोनों मामलों में परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से युवकों की तलाश में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और साधु-संतों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर लापता युवकों की तलाश की जाए। परिजनों ने संबंधित आश्रम प्रबंधन से भी सहयोग की अपील की है, ताकि दोनों युवकों की सुरक्षित घर वापसी हो सके।












