नई दिल्ली: दिल्ली के महाराणा प्रताप अंतरराज्यीय बस अड्डे पर दो ट्रॉली बैग लेकर पहुंचे एक किशोर की संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस का ध्यान खींचा और तलाशी में नशे की बड़ी खेप सामने आ गई। लाल और तोते के रंग के ट्रॉली बैगों में छिपाकर रखे गए गांजे के तीन पैकेट बरामद हुए जिनका कुल वजन 21.360 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार गांजे की यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में आती है। मामले में करीब साढ़े 17 साल के एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। अब पुलिस की जांच उन कथित सप्लायरों और दिल्ली में खेप लेने वाले अज्ञात व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। उत्तर जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि रात करीब 8:40 बजे गुप्त सूचना के आधार पर कश्मीरी गेट स्थित आईएसबीटी पर निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रॉली बैग लेकर जा रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिसकर्मी ने देखा। पुलिस की मौजूदगी से घबराकर उसने भागने की कोशिश की लेकिन सतर्क टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दोनों बैगों से गांजे के तीन पैकेट बरामद हुए।
तीन पैकेट दो ट्रॉली बैग और 21.360 किलो गांजा
पुलिस के अनुसार लाल रंग के ट्रॉली बैग से 7.140 किलोग्राम और 7.190 किलोग्राम वजन के दो पैकेट मिले, जबकि तोते के रंग वाले बैग से 7.030 किलोग्राम गांजे का एक पैकेट बरामद हुआ। इस तरह कुल 21.360 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। मामले में कश्मीरी गेट थाने में प्राथमिकी संख्या 457/2026, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
बिहार से सफर गाजियाबाद में खेप और दिल्ली में डिलीवरी का कथित प्लान
पूछताछ के दौरान किशोर ने कथित तौर पर बताया कि वह 7 अक्टूबर को बिहार के सुपौल से रेलगाड़ी संख्या 04071 से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। उसके अनुसार यात्रा का टिकट उसके चचेरे भाई सुरेंद्र कुमार ने कराया था। उसी रेलगाड़ी में दो संदिग्ध व्यक्ति भी यात्रा कर रहे थे। किशोर के कथित बयान के मुताबिक गाजियाबाद पहुंचने पर दोनों व्यक्तियों ने उसे गांजे से भरे दो ट्रॉली बैग सौंपे और उन्हें दिल्ली पहुंचाने के बदले 3500 रुपये दिए। उसे कथित तौर पर करनाल मार्केट पुल के नीचे पहुंचकर उन व्यक्तियों में से एक से संपर्क करने के लिए कहा गया था। वहां एक अज्ञात व्यक्ति को खेप सौंपे जाने की बात बताई गई थी। पुलिस के मुताबिक दिल्ली पहुंचने के बाद किशोर रिक्शे से कश्मीरी गेट आईएसबीटी पहुंचा जहां पुलिस ने उसे गांजे की खेप के साथ पकड़ लिया। फिलहाल उसके बयानों की पुष्टि और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
एसीपी के निर्देश एसएचओ की निगरानी और टीम की मुस्तैदी
गुप्त सूचना पर की गई इस कार्रवाई में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली शंकर बनर्जी के निर्देश और कश्मीरी गेट थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत यादव की निगरानी में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस चौकी आईएसबीटी के प्रभारी उपनिरीक्षक मुकेश तोमर के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में उपनिरीक्षक इफ्तिखार हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह हेड कांस्टेबल विवेक और कांस्टेबल गुलबीर शामिल थे। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, निगरानी के दौरान हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह ने संदिग्ध को दोनों ट्रॉली बैगों के साथ देखा, जिसके बाद टीम ने तत्परता से कार्रवाई की।
सप्लायर कौन, रिसीवर कहां? पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी
पुलिस की जांच अब गाजियाबाद में कथित तौर पर गांजे की खेप सौंपने वाले दोनों संदिग्धों की पहचान और दिल्ली में खेप प्राप्त करने वाले अज्ञात व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। इसके लिए मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी निगरानी, रेल यात्रा से जुड़े विवरण और अन्य सुरागों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस गांजे के स्रोत से लेकर उसकी आगे की आपूर्ति तक की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार पकड़ा गया किशोर बिहार के सुपौल जिले का निवासी है और बारहवीं कक्षा तक पढ़ा है। उसके परिवार की पृष्ठभूमि कृषि कार्य से जुड़ी बताई गई है। उसके कथित संपर्कों और इस मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Reported by: Pankaj Rai












