नई दिल्ली: कूड़े में जाने वाले पुराने कागज अब पर्यावरण संरक्षण की नई इबारत लिखेंगे। संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और अस्पताल परिसर में जगह खाली कराने के उद्देश्य से वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल ने कागजों के पुनर्चक्रण की विशेष मुहिम के तहत बड़ी पहल की है। 29 अक्टूबर 2026 को चलाए गए इस अभियान में 2063 किलोग्राम पुराने और अनुपयोगी रजिस्टर एकत्र किए गए जिन्हें पुनर्चक्रित कागज के बदले दिया गया। इस कागज का इस्तेमाल अस्पताल के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में किया जाएगा।
डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में अभियान संपन्न
निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारू बंबा का निरंतर प्रोत्साहन और प्राचार्य डॉ. गीतिका खन्ना का मार्गदर्शन मिला। कायाकल्प इकाई के माध्यम से ओआईसी डॉ. मालिनी आर. कपूर की देखरेख में सामान्य भंडार विभाग और वाई वेस्ट वेडनसडे फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल पूरी की गई।
पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान
कायाकल्प मंथन के अनुमान के अनुसार, इस अभियान से लगभग 25 पेड़ों, 2,600 किलोग्राम लकड़ी और 37,134 लीटर पानी की बचत में योगदान मिलेगा। साथ ही 1,114 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोकने में मदद मिलेगी। यह अस्पताल की दूसरी बड़ी कागज पुनर्चक्रण पहल है। अभियान ने साबित किया कि बेकार समझे जाने वाले संसाधन भी सही प्रबंधन से दोबारा उपयोगी बन सकते हैं।












