नई दिल्ली: रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वालों के खिलाफ आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चोरी के चार मामलों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के दो लैपटॉप एक एप्पल आईपैड और एक कैनन कैमरा बरामद किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले कथित गिरोह पर शिकंजा कसने का दावा किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल पुलिस ने दबोचा आरोपी
रेलवे डीसीपी बी. भारत रेड्डी ने बताया कि आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाना पुलिस को रीवा जाने वाली ट्रेन से संबंधित लैपटॉप चोरी के मामले की जांच सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और निगरानी के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलशाद उर्फ दिलकश (23) के रूप में हुई है। वह इंदिरापुरम गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी है और उसका स्थायी पता अररिया, बिहार बताया गया है। पूछताछ के दौरान उसके कब्जे से चोरी का एक एप्पल लैपटॉप और एक कैनन कैमरा बरामद किया गया।
चोरी का सामान खरीदने के आरोप में दूसरा आरोपी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दिलशाद की निशानदेही पर कथित रूप से चोरी का सामान प्राप्त करने वाले दूसरे आरोपी अनीश (19) को भी गिरफ्तार किया। अनीश ख्याला, तिलक नगर, दिल्ली का निवासी है और उसका स्थायी पता भी अररिया, बिहार बताया गया है। उसके कब्जे से एक डेल लैपटॉप और एक एप्पल आईपैड बरामद किया गया।
चार मामलों की गुत्थी सुलझी
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाने में दर्ज चोरी के चार मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है। इनमें 22 सितंबर, 7 अक्टूबर, 12 अक्टूबर और 14 अक्टूबर 2026 को दर्ज ई-एफआईआर शामिल हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 317(2) सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस अब बरामद सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है। साथ ही चोरी की अन्य वारदातों में आरोपियों की संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश राय, उपनिरीक्षक भरम पाल, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कांस्टेबल दीपक नेगी, कांस्टेबल सुभाष झखड़ और कांस्टेबल पवन की अहम भूमिका रही। टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से मामले की जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों का संदेश साफ है रेलवे परिसर में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और चोरी की वारदातों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Reported By: Pankaj Rai












