नई दिल्ली: रामलीला के उत्सव में जहां मंचों पर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गूंज रहा है, वहीं बाहरी जिला पुलिस ने भी समाज की सुरक्षा के लिए जागरूकता का मोर्चा संभाल लिया है। साइबर ठगी के जाल से लोगों को बचाने और नशे के खिलाफ जनचेतना जगाने के लिए बाहरी जिला पुलिस ने रामलीला मैदानों सहित विभिन्न स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क करना और नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाना है।
डीसीपी विक्रम सिंह के निर्देशन में चला जागरूकता अभियान
बाहरी जिला पुलिस के उपायुक्त विक्रम सिंह के निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग प्रकोष्ठ और शिष्टाचार दस्ते ने विभिन्न स्थानों पर लोगों से सीधा संवाद किया। पुलिसकर्मियों ने नागरिकों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि छोटी-सी लापरवाही भी बैंक खाते में जमा मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।
ओटीपी साझा किया तो खाते पर खतरा
जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को ओटीपी धोखाधड़ी फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध संदेशों और लिंक, ऑनलाइन भुगतान में ठगी तथा निवेश के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और भुगतान संबंधी अनुरोधों की पूरी जांच करें। साइबर वित्तीय ठगी का शिकार होने पर नागरिकों को बिना देरी राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई ताकि समय रहते शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
नशे के खिलाफ भी बुलंद हुई आवाज
पुलिस ने नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित जानकारी देने तथा नशे से जुड़े मामलों में सहायता प्राप्त करने के लिए नागरिकों को मानस हेल्पलाइन 1933 के बारे में भी जानकारी दी गई।
जनभागीदारी से अपराध पर प्रहार
बाहरी जिला पुलिस की इस पहल ने रामलीला के उत्सवी माहौल में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक बनाकर अपराध की आशंका को कम करना भी है। बाहरी जिला पुलिस की अपील न ओटीपी बताएं, न संदिग्ध लिंक पर जाएं, नशे से दूरी बनाएं, सुरक्षित समाज बनाने में हाथ बढ़ाएं।
Reported By: Pankaj Rai












