नई दिल्ली: वर्दी नहीं, हाथ में पेटीएम का भरोसा और जुबां पर मदद का झांसा! इसी फर्जी पहचान की आड़ में छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे साइबर ठगों के गिरोह का शाहदरा साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पेटीएम अधिकारी बनकर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 95 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सुलझाया है।
शाहदरा जिला डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि मामला एफआईआर संख्या 55/26 का है। जिसमें शिकायतकर्ता रामअवतार सब्जी विक्रेता ने बताया कि 20 अक्टूबर को दो युवक पेटीएम कर्मचारी बनकर पहुंचे। उन्होंने केवाईसी संबंधी समस्या और क्यूआर कोड साउंडबॉक्स अपडेट करने का बहाना बनाकर उनका मोबाइल फोन ले लिया। इसके बाद खाते से 50 हजार और 45 हजार रुपये के दो अनधिकृत लेनदेन कर 95 हजार रुपये उड़ा लिए।
50-60 लोगों को बनाया निशाना
जांच में सामने आया कि आरोपी इसी तरीके से करीब 50-60 लोगों को ठग चुके होने के संदेह में हैं। इनके बैंक खाते देशभर की लगभग 20 साइबर अपराध शिकायतों और मामलों से जुड़े मिले हैं। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में घुमाकर एटीएम से निकाली जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुनैद (23), अनस (19), मोहित (24), रोहित (19) और सुमित कुमार (19) के रूप में हुई है। जुनैद पहले पेटीएम से जुड़ा रहा है। उसके मोबाइल में कंपनी का पहचान पत्र भी मिला। वह गिरोह का मुख्य समन्वयक बताया गया है।
छह मोबाइल और सात सिम बरामद
पुलिस ने छह मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड और तीन नकदी निकासी पर्चियां बरामद की हैं। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा की देखरेख में एएसआई राजदीप, हेड कांस्टेबल जावेद, दीपक और नरेंद्र की टीम ने की। एसएचओ विजय कुमार के नेतृत्व एसीपी ऑपरेशन अवधेश कुमार की निगरानी और डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा के समग्र पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। पुलिस अब अन्य पीड़ितों और पूरे आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। डीसीपी ने लोगों को चेताया है कि अनजान व्यक्तियों को मोबाइल न सौंपें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
Reported By: Pankaj Rai












