भारत का बांग्लादेश को स्पष्ट संदेश, मतभेद अपनी जगह लेकिन बातचीत से नहीं टूटेंगे रिश्ते

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नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई खटास के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि मतभेदों के बावजूद संवाद ही रास्ता है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में कहा कि दो संप्रभु देशों के बीच बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन लोकतंत्र में इसे बातचीत से ठीक किया जा सकता है।  

“हमारे अपने तर्क हैं, लेकिन”   

ढाका में आयरलैंड के कॉन्सल मसूद जमील खान के घर डिनर में बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा, “दोनों देशों को अपने-अपने स्पेस चाहिए। हमारे बीच मतभेद हैं, हमारे अपने लॉजिक हैं, बहस भी होती है। लेकिन ये ठीक है।”  

उन्होंने आगे कहा कि भारत और बांग्लादेश सिर्फ बॉर्डर ही नहीं, एक “सपना” भी साझा करते हैं। “हमारे सामने चुनौतियां हैं, इसमें कोई शक नहीं। और अगर चुनौतियां न हों तो वो लोकतंत्र नहीं है। मुद्दे बातचीत से ही सुलझाए जा सकते हैं और मुझे पूरी उम्मीद है।”  

BRICS से पहले पीएम रहमान के दौरे पर अनिश्चितता   

त्रिवेदी का ये बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। ढाका ने कहा है कि दौरे के लिए भारत को “सही माहौल” बनाना होगा।

रिश्तों में तनाव की बड़ी वजह शेख हसीना हैं। 5 अगस्त को नई दिल्ली से हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बांग्लादेश ने नाराजगी जताई थी। ढाका का कहना है कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा।

भारत के विदेश मंत्रालय ने सफाई दी कि इस इवेंट में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और वो हसीना द्वारा कही गई किसी बात का समर्थन नहीं करता। बांग्लादेश ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी की है, जिससे मामला और उलझा है।  

“स्वर्णिम काल बनाना है उद्देश्य”    

त्रिवेदी ने कहा कि पीएम रहमान और पीएम नरेंद्र मोदी दोनों “जनता की पसंद” हैं। जब दोनों मिलते हैं तो कोई मुद्दा बिना चर्चा के नहीं रहता। उन्होंने उम्मीद जताई कि रहमान का भारत दौरा “बहुत जल्द” होगा।  

उच्चायुक्त ने कहा, “मेरा उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के बीच एक स्वर्णिम काल बनाना है। साझा लक्ष्य सम्मान और आपसी विश्वास सुनिश्चित करना होना चाहिए, न सिर्फ दोनों देशों में बल्कि पूरी दुनिया में।” फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी हफ्तों से रहमान के दौरे को लेकर संपर्क में हैं। अब देखना होगा कि BRICS से पहले “माहौल” बन पाता है या नहीं।  

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