चंडीगढ़: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए SCORE Intelligence के नए ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। सत्ता विरोधी नाराजगी और विपक्ष की लगातार आलोचनाओं के बीच आए इस सर्वे में आम आदमी पार्टी को 117 सदस्यीय विधानसभा में 69 से 82 सीटें मिलने का आकलन किया गया है। बहुमत के लिए 59 सीटों की जरूरत है। ऐसे में सर्वे के अनुमान का निचला आंकड़ा भी बहुमत से 10 सीटें अधिक है। 13 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 के बीच किए गए इस सर्वे में कुल 28,347 लोगों की राय ली गई है। इसके मुताबिक कांग्रेस को 17 से 34 सीटें, बीजेपी को 4 से 12 सीटें, शिरोमणि अकाली दल को 2 से 6 सीटें और वारिस पंजाब दे को भी 2 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में एक सीट दिखाई गई है, जबकि छह सीटों पर मुकाबला करीबी या बराबरी का बताया गया है। ये अलग-अलग अनुमानित दायरे हैं, इसलिए इनके अधिकतम आंकड़ों को जोड़कर कुल सीटों का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
आम आदमी पार्टी का वोट शेयर और मुख्यमंत्री पद की पसंद
हालांकि सर्वे में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 2022 के 42.01 फीसदी से घटकर 38 फीसदी होने का अनुमान है। इसके बावजूद सीटों का अनुमान बहुमत से काफ़ी ऊपर रहने का आकलन किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर सामने आए आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। सर्वे में 39.36 फीसदी उत्तरदाताओं ने भगवंत सिंह मान को अगला मुख्यमंत्री बनाने की पसंद जताई। कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी को 15.61 फीसदी और शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल को 10.42 फीसदी लोगों ने पसंद किया। इस सवाल पर भगवंत मान और दोनों प्रमुख विपक्षी चेहरों के बीच उल्लेखनीय अंतर दर्ज हुआ है।
सरकार के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया
सरकार के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया भी सर्वे का अहम हिस्सा है। पंजाब के 57.70 फीसदी उत्तरदाताओं ने मान सरकार के प्रदर्शन की तारीफ की है। इनमें 43.07 फीसदी ने सरकार के कामकाज को बहुत अच्छा और 14.63 फीसदी ने अच्छा माना। वहीं 20.18 फीसदी ने प्रदर्शन को औसत और 22.12 फीसदी ने नाखुश दिखाई दिए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सर्वे में सरकार के कामों की तारीफ करने वालों की संख्या नाखुश लोगों से काफी ज्यादा रही है। पंजाब के तीनों प्रमुख क्षेत्रों माझा, मालवा और दोआबा में भी सरकार के कामकाज पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दर्ज हुई हैं। दोआबा में 60.31 फीसदी लोगों ने सरकार के प्रदर्शन की तारीफ की है, जबकि 18 फीसदी ने नाखुश जाहिर की है। माझा में 58.37 फीसदी जनता खुश और सिर्फ 22 फीसदी ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसी तरह मालवा में 56.59 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज को सकारात्मक और 22 फीसदी ने नकारात्मक बताया।
सरकारी योजनाओं के लाभ के क्षेत्रवार आंकड़े
सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी सर्वे में महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। दोआबा में 65 फीसदी उत्तरदाताओं ने महिलाओं की आर्थिक सहायता से जुड़ी मावां धीयां सत्कार योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी, जबकि 64.92 फीसदी ने मुफ्त बिजली और 36.65 फीसदी ने राशन या आटा-दाल योजना का लाभ मिलने की बात कही। माझा में महिलाओं की सहायता योजना का आंकड़ा 67.11 फीसदी और मुफ्त बिजली का 65.07 फीसदी रहा। यहां 17.05 फीसदी उत्तरदाताओं ने आम आदमी क्लीनिक से लाभ मिलने की जानकारी भी दी। मालवा में 52.40 फीसदी उत्तरदाताओं ने महिलाओं की सहायता योजना, 44.96 फीसदी ने राशन या आटा-दाल योजना और 39.28 फीसदी ने मुफ्त बिजली का लाभ मिलने की बात कही। इन क्षेत्रवार आंकड़ों से सरकारी योजनाओं की पहुंच और लोगों के अनुभवों की एक तस्वीर सामने आती है। हालांकि योजनाओं का लाभ मिलने की सूचना और किसी पार्टी को वोट देने की पसंद को एक समान नहीं माना जा सकता।
कानून-व्यवस्था को लेकर जनता की राय
पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सर्वे में 47.11 फीसदी लोगों ने संतुष्टि जताई है। इसके अलावा 10.83 फीसदी लोग आंशिक रूप से संतुष्ट पाए गए। इस तरह पूरी तरह या आंशिक रूप से संतुष्ट उत्तरदाताओं का संयुक्त आंकड़ा 57.94 फीसदी रहा। दूसरी तरफ 36 फीसदी लोगों ने कानून-व्यवस्था पर असंतोष जताया, जबकि 5.51 फीसदी ने स्पष्ट राय नहीं दी।
विधायकों के कामकाज और विपक्षी दलों की स्थिति
स्थानीय विधायकों के कामकाज पर भी सर्वे में 48.07 फीसदी लोगों ने संतुष्टि जताई, जबकि 35.14 फीसदी ने असंतोष व्यक्त किया। 9.82 फीसदी उत्तरदाताओं ने अपने विधायक के प्रदर्शन को औसत माना और 6.98 फीसदी ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी। विपक्षी दलों के लिए सर्वे के आंकड़े अलग-अलग संकेत देते हैं। कांग्रेस का वोट शेयर 2022 के 22.98 फीसदी से बढ़कर करीब 24 फीसदी होने का अनुमान है, लेकिन सीटों के मामले में उसे 17 से 34 के दायरे में रखा गया है। पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर समय-समय पर उठने वाले सवाल चुनावी तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
अन्य दलों के वोट शेयर और सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष
वहीं बीजेपी का वोट शेयर 2022 के 6.60 फीसदी से बढ़कर 14 फीसदी होने का अनुमान है। शिरोमणि अकाली दल का वोट शेयर 18.38 फीसदी से घटकर 12.50 फीसदी रहने का आकलन किया गया है। वारिस पंजाब दे को 8.50 फीसदी वोट मिलने का अनुमान भी सर्वे में दिया गया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि पंजाब में विभिन्न दलों के बीच वोटों का वितरण 2022 की तुलना में बदल सकता है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव की पूरी गुंजाइश है। फिलहाल SCORE के इस सर्वे में आम आदमी पार्टी की अनुमानित सीटें बहुमत के आंकड़े से ऊपर हैं। मुख्यमंत्री पद की पसंद, सरकारी कामकाज की रेटिंग और क्षेत्रवार प्रतिक्रियाएं इस चुनाव पूर्व अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष हैं। साथ ही वोट शेयर में संभावित गिरावट और विभिन्न मुद्दों पर असंतोष के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं।











