पंजाब में कार्यकर्ता की हत्या से तनाव, भगवंत मान का दोषियों पर एक्शन का भरोसा, जनता से अमन की अपील

0
9

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की नशा विरोधी अभियान के दौरान हुई हत्या पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और प्रदेश में फैली अशांति के बीच लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

चंडीगढ़: मानसा में नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवा राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को मामले में सख्त कदम उठाने और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भगवंत मान ने साफ कहा कि इस अपराध में चाहे कोई भी शामिल हो, कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

कब हुई ये घटना? 

यह वारदात 13 अक्टूबर को मानसा के वार्ड नंबर 9, वाटर वर्क्स रोड स्थित अश्वनी मेडिकल हॉल के पास हुई। आरोप है कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद में मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और झोटा खुद इसे फेसबुक पर लाइव कर रहा था। गोली लगने के बाद उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस गोलीबारी में कुलविंदर सिंह उर्फ सुखी समेत कुछ राहगीर भी घायल हुए। घटना के बाद मानसा में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध में मुख्य बाजार की दुकानें बंद रहीं और सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग करने लगे।

मुख्य आरोपी को किया गया गिरफ्तार 

पुलिस ने इस मामले में सिटी-2 थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में अश्वनी कुमार को मुख्य आरोपी बताया गया है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 14 अक्टूबर को मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया और उसकी अवैध संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की गई है।

कांग्रेस नेता की पार्टी पर साधा निशाना 

हालांकि, इस हत्या के बाद विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई विपक्षी नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान पर सवाल उठाए हैं।

वहीं झोटा के परिवार ने पीजीआई के मेडिकल पैनल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। इस मामले में इंसाफ की मांग को लेकर कई संगठनों ने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है। सीएम मान ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here