नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना को करीब 16-17 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन मलबे के नीचे किसी और जिंदगी के होने की संभावना को देखते हुए तलाश अब भी जारी है. हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है. रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अब प्रशासन की नजर आसपास की इमारतों की सुरक्षा पर भी है.
इसी कड़ी में MCD ने हादसे से सटी एक दूसरी इमारत को खाली कराने का आदेश दिया है. पूरे मामले में अब तक सामने आए 8 बड़े अपडेट्स पर एक नजर डालते हैं.
हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. इनमें से 5 लोगों को मलबे से निकालने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं, एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
11 लोगों को मलबे से निकाला गया
बचाव दल अब तक कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाल चुका है. रात में भी रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को मलबे से निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. फिलहाल मलबे में किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन चल रहा है.
बिल्डिंग मालिक समेत अन्य पर FIR
हादसे को लेकर पुलिस ने FIR नंबर 153/2026 दर्ज की है. मामला साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है. पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम समेत कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है. मामले की जांच के साथ आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
BNS की तीन धाराओं में केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है. ये धाराएं गैर-इरादतन हत्या, निर्माण या मरम्मत के दौरान लापरवाही और ऐसे लापरवाह काम से जुड़ी हैं, जिससे किसी की जान या सुरक्षा को खतरा पैदा हो और चोट पहुंचे.
PG के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन या निर्माण का काम चल रहा था. आशंका है कि इसी दौरान ढांचे के कमजोर होने से पूरी इमारत भरभराकर गिर गई.
बगल की इमारत भी खाली कराने का आदेश
हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है. हादसे से बिल्कुल सटी Building/House No. 13 को जर्जर और खतरनाक बताया गया है. MCD ने वहां रहने वाले लोगों को परिसर खाली करने का नोटिस दिया है.
नोटिस के मुताबिक, भवन को 3 दिन के भीतर खाली करने के साथ इसे गिराने का आदेश भी दिया गया है. अगर तय समय में कार्रवाई नहीं की गई तो MCD खुद इमारत को ढहा सकती है और इसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा.
चार मंजिल से अधिक की अवैध इमारतों पर कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने चार मंजिल से ज्यादा की अवैध तरीके से बनी इमारतों को तुरंत सील करने का निर्देश दिया है. दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि अवैध निर्माण को रोकने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बर्खास्तगी तक शामिल हो सकती है.
आरोपियों की तलाश और मलबे में सर्च जारी
पुलिस ने आरोपियों को तलाशने के लिए कई टीमें लगाई हैं. वहीं, बचाव दल मलबे के हर हिस्से को सावधानी से हटाकर जांच कर रहा है, ताकि किसी और व्यक्ति के दबे होने पर उसे समय रहते बाहर निकाला जा सके. फिलहाल प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करना है.
हादसे के बाद अब सिर्फ मलबे में फंसी जिंदगियों की तलाश ही नहीं, बल्कि आसपास की इमारतों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बन गई है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आखिर पांच मंजिला इमारत किस वजह से गिरी और निर्माण या मरम्मत के दौरान किस स्तर पर लापरवाही हुई. इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.












