लखनऊ: समाजिक ताने-बाने और नैतिक मूल्यों को झकझोर देने वाला एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जिसने परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी हैरत और असमंजस में डाल दिया है। जिस रिश्ते को समाज में मां और दामाद के पवित्र और सम्मानजनक दर्जे से देखा जाता है, उसी रिश्ते के बीच पनपे प्रेम ने पूरे परिवार की रातों की नींद उड़ा दी है। पांच बच्चों की एक विधवा महिला अपनी ही सगी बहन के दामाद के प्रेम में इस कदर गिरफ्तार हो चुकी है कि अब दोनों दुनिया की परवाह किए बिना साथ जीने-मरने और शादी रचाने की जिद पर अड़े हुए हैं।
छह महीने पहले शुरू हुई प्रेम कहानी
घटना कोतवाली क्षेत्र के एक स्थानीय मोहल्ले की है, जहां 45 वर्षीय विधवा महिला अपने पांच बच्चों के साथ रहती है। इसी मोहल्ले में महिला की बहन का घर भी स्थित है।
करीब दो साल पहले बहन की बेटी का विवाह नगर के ही दूसरे मोहल्ले के 26 वर्षीय युवक के साथ संपन्न हुआ था।
पंचायत से लेकर थाने तक पहुंची अनूठी जिद
शादी के बाद युवक का अपनी ससुराल के साथ-साथ अपनी मौसिया सास के घर भी नियमित रूप से आना-जाना होने लगा। इसी मेल-जोल के दौरान मौसिया सास और दामाद के बीच नजदीकियां बढ़ीं और पिछले छह महीनों में यह रिश्ता गहरे प्रेम संबंध में बदल गया। जब इस अजीबोगरीब प्रेम प्रसंग की भनक परिजनों और महिला के बच्चों को लगी, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया।
परिवार के दबाव के बावजूद दोनों ने न तो मिलना-जुलना बंद किया और न ही बातचीत छोड़ी। बुधवार को जब इस मुद्दे पर घर में पंचायत बुलाई गई, तो दोनों ने खुलकर एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का फैसला सुना दिया। परिजनों के समझाने का कोई असर न होता देख अंततः मामला पुलिस थाने जा पहुंचा।
पुलिस कर रही काउंसलिंग
कोतवाली में पूछताछ के दौरान 26 वर्षीय युवक ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि उनके बीच पिछले छह महीनों से संबंध हैं और वे दोनों शादी करना चाहते हैं। जब युवक से महिला के पांच बच्चों के भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उसने बिना किसी झिझक के उन सभी बच्चों को अपने साथ रखने और उनका खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। हालांकि, इस बेमेल और अजीब रिश्ते से स्वजन पूरी तरह असहमत हैं। कोतवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल दोनों पक्षों को समझाकर सही रास्ते पर लाने के लिए गहन काउंसलिंग की जा रही है।












