मुज़फ़्फ़रनगर: ब्रांडेड एवं महंगी अंग्रेजी शराब की खाली बोतलों में सस्ती शराब भरकर महंगे दामों पर बेचने वाले गिरोह का रविवार दोपहर 3 बजे पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने रामपुर तिराहे के पास रेलवे लाइन के पुल के नीचे से सात से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कबाड़ी से खाली बोतलें खरीदकर भरते थे सस्ती शराब, 210 बोतलें और 3 कारें बरामद
शहर कोतवाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ASP सिद्धार्थ के. मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी जेमिसन, ब्लैक लेबल और रेड लेबल जैसे ब्रांड की खाली बोतलें कबाड़ियों से खरीदते थे। इनमें सस्ती शराब भरकर नकली रैपर और पैकिंग सामग्री से बोतलों को असली ब्रांडेड शराब जैसा तैयार करते थे। इसके बाद इन्हें महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शराब से भरी 210 बोतलें, 99 खाली बोतलें, 398 ढक्कन और चार रैपर बरामद किए हैं। इसके अलावा पैकिंग के उपकरण, पांच मोबाइल फोन और शराब की सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही तीन कारें भी जब्त की गई हैं। बरामद वाहनों में वैगनआर, स्विफ्ट डिजायर और टाटा नेक्सॉन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से ब्रांडेड शराब के नाम पर ग्राहकों को धोखा देने के साथ सरकार को आबकारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
अवैध शराब सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा, पानीपत से लेकर मेरठ और शामली तक जुड़े तार
एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खाली बोतलों में सस्ती शराब भरते थे और हीट ड्रायर की मदद से ढक्कन लगाकर उन्हें तैयार करते थे। इसके बाद बोतलों को ब्रांडेड कंपनियों के कार्टन में पैक करके अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित और राकेश निवासी समालखा, पानीपत; मेहताब निवासी दौराला, मेरठ; धीरज और हरदीप सिंह निवासी शामली; रामप्रकाश, मूल निवासी सुल्तानपुर और वर्तमान में चंडीगढ़ निवासी; तथा कुलदीप निवासी नसीरपुर, तितावी, मुज़फ़्फ़रनगर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी विभिन्न जिलों में इस तरह की शराब की सप्लाई करने की बात पूछताछ में बता चुके हैं।












