शरद पूर्णिमा पर मुरलीधर बने बांकेबिहारी, अलौकिक दर्शन कर निहाल हुए भक्त

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वृंदावन: शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्वेत वस्त्रों में सजे ठाकुर बांकेबिहारी ने महारास की मुद्रा में मुरलीधर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। साल में केवल एक बार मिलने वाले इस अलौकिक दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आराध्य की मनोहारी छवि निहारने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर के बाहर कतारों में खड़े नजर आए।

मुरलीधर रूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, मंदिर जयकारों से गूंजा

रविवार सुबह मंदिर के पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही भक्तों को मुरली बजाते ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। बेशकीमती सिंहासन पर विराजमान आराध्य के मनमोहक स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के रास्तों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। हर कोई अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखाई दिया।

भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए। सुरक्षाकर्मियों ने रेलिंग में खड़े श्रद्धालुओं को लगातार आगे बढ़ाया, जिससे पीछे खड़े भक्तों को भी दर्शन का अवसर मिल सके। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती रही। शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारी के विशेष स्वरूप के दर्शन का महत्व होने के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त वृंदावन पहुंचे।

शरद पूर्णिमा पर दर्शन का समय बढ़ाया गया

मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ाया गया है। रविवार को सुबह 7:45 बजे मंदिर के पट खोले गए और दोपहर एक बजे तक दर्शन होंगे। सामान्य दिनों में सुबह के दर्शन दोपहर 12 बजे तक होते हैं। इसी तरह शाम को 5:30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सामान्य दिनों में शाम के दर्शन रात 9:30 बजे तक होते हैं। दर्शन का समय बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को आराध्य के दर्शन का अवसर मिल सकेगा।

 

Reported By: Prem Kaushik

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