Instagram से X तक किसका जलवा? PM मोदी नंबर-1, अमित शाह और योगी समेत बड़े नेताओं का रिपोर्ट कार्ड

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अपने मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों का आकलन किया है. कैबिनेट बैठक में पेश किए गए इस रिपोर्ट कार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल परफॉर्मेंस के मामले में सबसे आगे रहे. रिपोर्ट में नेताओं की सोशल मीडिया पहुंच, पोस्ट और लोगों की प्रतिक्रिया जैसे कई पहलुओं को आधार बनाया गया.

साढ़े तीन महीने की गतिविधियों का हुआ विश्लेषण

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सोशल मीडिया रिपोर्ट 1 मई से 15 अगस्त 2026 के बीच की गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई है. इसमें मंत्रियों के Instagram, X, Facebook और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन को देखा गया.

रैंकिंग तैयार करने के दौरान पोस्ट की संख्या, लाइक्स, फॉलोअर्स और यूजर्स के साथ एंगेजमेंट जैसे आंकड़ों को महत्व दिया गया. इसका उद्देश्य यह समझना था कि कौन से नेता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ रहे हैं.

मोदी के साथ ये नेता भी रहे आगे

रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का प्रदर्शन भी बेहतर बताया गया. वहीं विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद केजरीवाल जैसे नाम भी सोशल मीडिया पर अच्छी रैंकिंग हासिल करने वालों में शामिल रहे.

Gen-Z पर सरकार का फोकस

छात्रों के हालिया प्रदर्शनों के बाद युवाओं और खासकर Gen-Z तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सरकार डिजिटल रणनीति पर ज्यादा जोर दे रही है. पारंपरिक लंबे बयानों के बजाय अब छोटे वीडियो, रील्स और कैजुअल कंटेंट के जरिए युवाओं से जुड़ने की कोशिश की जा रही है.

मंत्रियों और सरकारी विभागों को लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने भी हाल में Snapchat पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने की घोषणा की थी.

विश्वविद्यालयों तक पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री

कैबिनेट बैठक में युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई. इसके तहत केंद्रीय मंत्रियों को विश्वविद्यालयों का दौरा करने और छात्रों से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है. इस दौरान शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर छात्रों की राय जानने और सरकार की नीतियों की जानकारी देने पर जोर रहेगा.

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