होर्मुज में फिर बड़ा हादसा, 27 भारतीयों को लेकर जा रहे टैंकर में लगी आग, सभी क्रू मेंबर सुरक्षित

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नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को यहां एक और तेल टैंकर में आग लगने से हड़कंप मच गया। इस जहाज पर 27 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे एक दिन पहले भी एक अन्य जहाज पर मिसाइल हमले की घटना सामने आई थी, जिसमें दो भारतीय मौजूद थे। इस तरह दोनों घटनाओं में कुल 29 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि शुक्रवार को एमटी लूज 1 नाम के टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई थी। इसके कारण जहाज आगे चलने की स्थिति में नहीं रहा। हालांकि, उस पर मौजूद सभी 27 भारतीय कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इससे पहले गुरुवार, 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले एक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ था। उस पोत पर दो भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। उन्हें भी सुरक्षित बचा लिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिप मैनेजमेंट कंपनियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

ईरान ने जहाजों को रोकने का किया दावा

ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे तीन तेल टैंकरों को रोक दिया गया। वहीं, ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र के अनुसार, पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज ‘रिटी’ पर हमले के बाद आग लग गई थी। इसके बाद नौसेना ने बचाव अभियान चलाकर जहाज पर सवार सभी 25 नाविकों को बाहर निकाला और उन्हें चिकित्सा सहायता दी। मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, यह जहाज कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि प्रतिबंधित समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वाले तीन टैंकरों को अलग-अलग घटनाओं में रोका गया। इनमें से दो को जलडमरूमध्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में रोका गया।

अमेरिका ने बारूदी सुरंगें हटाने का किया दावा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी सेना तैनात है। कूपर के मुताबिक, गर्मियों से अब तक अमेरिका ने खाड़ी देशों को होर्मुज के रास्ते 1.5 अरब बैरल से अधिक तेल निर्यात करने में मदद की है। गौरतलब है कि फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान इस अहम समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। होर्मुज वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है।

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