छात्र आंदोलन ने पलटी सर्बिया की राजनीति! वुचिच की हार के बाद बेलग्रेड में जश्न, हटी दंगा-रोधी पुलिस

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बेलग्रेड: सर्बिया की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बीच राजधानी बेलग्रेड की सड़कों पर भी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति अलेक्सांदार वुचिच की पार्टी की हार के बाद शहर के मध्य हिस्सों से पुलिस और दंगा-रोधी बलों की वापसी शुरू हो गई। चुनाव से पहले सरकारी इमारतों के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन छात्र समर्थित ‘स्टूडेंट लिस्ट’ की जीत के बाद माहौल बदल गया। कई जगह लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मनाते नजर आए।

संसदीय चुनाव में ‘स्टूडेंट लिस्ट’ की बढ़त के बाद बेलग्रेड के प्रमुख इलाकों से पुलिसकर्मियों और दंगा-रोधी बलों को हटाया जाने लगा। स्थानीय रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सुरक्षा बलों को शहर के अलग-अलग हिस्सों से लौटते देखा गया। चुनाव परिणामों का इंतजार करते समय पुलिस, जेंडरमेरी और बख्तरबंद वाहनों को प्रमुख सरकारी ठिकानों के पास तैनात किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा बल राष्ट्रपति भवन और रिपब्लिक इलेक्टोरल कमीशन (RIK) के मुख्यालय के आसपास भी मौजूद थे। पुलिस की वापसी के दौरान लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखे। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं।

पुराने छात्र आंदोलन ने बदली राजनीति

इस चुनावी बदलाव की जड़ें नवंबर 2024 में हुए नवी साद रेलवे स्टेशन हादसे से जुड़ी हैं। स्टेशन पर छतरी जैसी संरचना गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद छात्रों ने भ्रष्टाचार और सरकारी जवाबदेही के मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू किए। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया और आगे चलकर छात्र समर्थकों ने ‘स्टूडेंट लिस्ट’ के जरिए चुनावी राजनीति में कदम रखा।

वुचिच ने स्वीकार की हार, मिले 39.2 प्रतिशत वोट

करीब 99 प्रतिशत मतों की गिनती के बाद शुरुआती नतीजों में ‘स्टूडेंट लिस्ट’ को 52.7 प्रतिशत वोट मिले, जबकि राष्ट्रपति अलेक्सांदार वुचिच की सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 39.2 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। रिपोर्ट के अनुसार, मतदान खत्म होने के करीब दो घंटे बाद ही वुचिच ने हार स्वीकार कर ली। लंबे समय से देश की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले वुचिच के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

जश्न के बीच शांति बनाए रखने की अपील

नतीजों के बाद बेलग्रेड सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने आतिशबाजी की, गाड़ियों के हॉर्न बजाए और विजय जुलूस निकाले। ‘स्टूडेंट लिस्ट’ के उम्मीदवार राडोमिर सैचिच ने कहा कि इस जीत के साथ न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान की उम्मीद भी मजबूत हुई है। करीब 70 प्रतिशत मतदान को भी इस नतीजे में अहम माना गया।

हालांकि, जश्न के दौरान कुछ जगह तनाव भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, वुचिच समर्थक माने जाने वाले टैबलॉयड ‘इन्फॉर्मर’ के कार्यालय के बाहर लोग जमा हो गए और प्रसारण बाधित होने की खबर आई। वहां दंगा-रोधी पुलिस के साथ हल्की झड़प की भी सूचना मिली। इसके बाद छात्र आंदोलन ने सोशल मीडिया के जरिए समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। आंदोलन से जुड़े नेता इलिजा सर्दानोविच ने भी लोगों से संयम बरतने को कहा।

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