बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, 500 फैक्ट्रियों पर ताला, सड़कों पर उतरे मजदूर, ढाका में आगजनी

0
5

नई दिल्ली: बांग्लादेश एक बार फिर सुलग उठा है। 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन के करीब 28 महीने बाद लोग फिर सड़कों पर हैं। इस बार वजह सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कम सैलरी है। देश के गारमेंट मजदूर वेतन बढ़ने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, कई जगह पुलिस पर हमले, आगजनी और पत्थरबाजी की खबरें हैं।

31 अक्टूबर से जारी है प्रदर्शन

मजदूरों का प्रदर्शन 31 अक्टूबर को शुरू हुआ था। ढाका के मिरपुर, आशुलिया, सावर और गाजीपुर जैसे बड़े औद्योगिक इलाकों में मजदूरों ने सड़कें जाम कर दीं और फैक्ट्रियों में ताले लगवा दिए। इस हड़ताल से करीब 529 कारखाने प्रभावित हुए हैं और लगभग 10 लाख मजदूरों का काम ठप हो गया है। कई जगह पुलिस चौकियों ओर गाड़ियों में आग लगा दी गई, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस, वाटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल करना पड़ा। कुछ इलाकों में BGB तक तैनात करनी पड़ी।

सोमवार को उम्मीद थी कि हालात सामान्य होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ढाका के मिरपुर में आज सुबह 10:45 बजे मजदूर सेनपारा परबटा इलाके से मुख्य सड़क पर आने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस ने उन्हें खदेड़ा और आंसू गैस छोड़ी। मिरपुर-2 में स्टेडियम के पास प्रोशिका चौराहे पर भी ऐसी ही झड़प हुई। तनाव के चलते मिरपुर में मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई है।

मजदूरों का कहना है कि उन्हें अभी सिर्फ 12,000 टका महीना मिलता है, जो महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए नाकाफी है। वे न्यूनतम वेतन 30,000 टका करने की मांग कर रहे हैं। बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर में दुनिया में सबसे कम मजदूरी दी जाती है।

सरकार ने लगाया आवामी लीग पर आरोप

सरकार ने इस अशांति के पीछे अपदस्थ आवामी लीग का हाथ बताया है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि आवामी लीग से जुड़े फैक्ट्री मालिक, पूर्व सांसद और मंत्री मजदूरों को भड़काकर हाईवे जाम और आगजनी करा रहे हैं। सरकार के पास इसके वीडियो-ऑडियो सबूत भी हैं। कुछ मालिकों ने जानबूझकर फैक्ट्रियां बंद की हैं। सरकार ने वेतन बढ़ाने के लिए नया वेतन बोर्ड बना दिया है।

बता दें कि गारमेंट इंडस्ट्री बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। 2024-25 में इस सेक्टर से 39.35 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो देश के कुल निर्यात का 81% से ज्यादा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here